मुजफ्फरनगर, जेएनएन। Terror funding टेरर फंडिंग में आरोपित जावेद उर्फ जावेद अली निवासी गांव खामपुर को एनआइए राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी ने सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कराकर गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी एनआइए अधिकारी ने मोबाइल पर गांव में जावेद के पड़ोसी अमीर आलम को दी है। उन्होंने जावेद को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी उसके पिता या किसी अन्य जिम्मेदार को देने की बात कही। हालांकि इसके बाद उक्त मोबाइल पर परिजनों की बात नहीं हो सकी। जावेद के पिता इमरान का कहना है कि एलआइयू एवं अन्य एजेंसी कई बार जांच कर चुकी हैं। उधर, एसएसपी ने अधिकारिक रूप से इसकी जानकारी होने से इन्कार किया है।

दो साल से जावेद पर नजर थी एनआइए की

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए धन जुटाने के आरोप में नामजद किए गए जावेद की तलाश में एनआइए दो वर्ष से लगी थी। जावेद का नाम टेरर फंडिंग से जुड़ने के बाद एनआइए ने कई बार गांव में उसके घर पर छापेमारी की, लेकिन सऊदी अरब में होने के कारण जावेद पकड़ से दूर रहा। वर्ष 2017 में थाना छपार क्षेत्र के गांव खामपुर निवासी जावेद उर्फ जावेद अली पुत्र इमरान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।

ये पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

इस मामले में आरोपित शेख अब्दुल नई उर्फ सोहेल, बेदार बख्त, तौसीफ अहमद मलिक, दिनेश गर्ग, अंकित गर्ग व आदिश कुमार जैन आदि पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस प्रकरण में अब अमजद उर्फ रेहान, हबीब उर्रहमान, गुलनवाज और मोहम्मद इमरान फरार चल रहे हैं। एनआइए ने जावेद को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध किया था। आरोप था कि जावेद 2017 में सऊदी अरब से यूपी के हवाला चैनल्स के माध्यम से धन की व्यवस्था करने में शामिल था। जिसे आरोपित शेख अब्दुल नईम ने प्राप्त किया था।

कोई जानकारी नहीं: एसएसपी

एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक यादव का कहना है कि एनआइए ने टेरर फंडिंग के मामले में किसी आरोपित को सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार करने संबंधी कोई भी अधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं दी है। न ही इस संबंध में जानकारी ली गई है। 

Posted By: Prem Bhatt

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