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World AIDS Day 2021 : ग्रामीण इलाकों के मरीज रहें सावधान, गलत इलाज से भी फैल सकता है एचआइवी

World AIDS Day 2021 बिलारी तहसील में एचआइवी-एड्स से संक्रमितों की संख्या कम नहीं है। जिलेभर की बात करें तो एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर में 3457 का इलाज हो रहा है। लेकिन इसमें कुछ मरीज पहचान छिपाने की गर्ज से यहां से दवा ले रहे हैं।

By Narendra KumarEdited By: Published: Wed, 01 Dec 2021 12:26 PM (IST)Updated: Wed, 01 Dec 2021 12:26 PM (IST)
World AIDS Day 2021 : ग्रामीण इलाकों के मरीज रहें सावधान, गलत इलाज से भी फैल सकता है एचआइवी
जिले के एआरटी सेंटर में 3457 एचआइवी पीड़ित का हो रहा इलाज।

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। World AIDS Day 2021: जिले के गांवों में झोलाछाप किसी नासूर से कम नहीं हैं। भोले-भाले किसानों को इलाज के नाम पर एचआइवी जैसा गंभीर संक्रमण परोस कर दे रहे हैं। बिलारी तहसील में एचआइवी-एड्स से संक्रमितों की संख्या कम नहीं है। जिलेभर की बात करें तो एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर में 3457 का इलाज हो रहा है। लेकिन इसमें कुछ मरीज पहचान छिपाने की गर्ज से यहां से दवा ले रहे हैं। बाकी सब यहीं के रहने वाले हैं। कुछ तो अपनी गलतियों की वजह से इस बीमारी की चपेट में आ गए। कुछ को झोलाछाप ने संक्रमण का शिकार बना दिया। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई नाममात्र को ही हो रही है।

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हर मरीज की काउंसिलिंग : जिला अस्पताल के एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर में प्रतिदिन दो से पांच लाेग पहुंचते हैं। उनकी काउंसिलिंग के बाद जांच कराई जाती है। एचआइवी-एड्स की पुष्टि होने के बाद फिर उन्हें समझाया जाता है। उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखने का नियम है। इसलिए मरीज की पहचान दूसरी व्यक्ति को किसी भी सूरत में नहीं बताई जाती है।

इन क्षेत्रों से भी आते हैं मरीज : जिला अस्‍पताल के एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर शहर के 170, बिलारी के 452 और अन्य क्षेत्रों के मरीज दवा लेने के लिए पहुंचते हैं। रामपुर, अमरोहा, सम्भल, बिजनौर, हापुड़, पाकबड़ा आदि क्षेत्रों के भी मरीज अपनी पहचान छिपी रहने की वजह से अस्पताल से दवा लेने के लिए पहुंचते हैं। जिससे उनका कोई पहचान वाला उनकी बीमारी के बारे में जान नहीं सके।

इससे होता है एड्स : एड्स रोग असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित व्यक्ति के रक्त लेने, संक्रमित को लगाई सीरिंज से, झोलाछाप द्वारा दांत निकालने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण से होता है।

जिला अस्पताल में बने एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर में प्रतिदिन शहर और आसपास के मरीज पहुंचते हैं। उन सभी के लिए दवा की व्यवस्था है। हर दिन काउंसिलिंग की भी व्यवस्था है।

डाॅ. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल

एआरटी सेंटर में 3457 एचआइवी-एड्स पीड़ितों को दवा दी जा रही है। सभी को बीमारी के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है। हमारे यहां बिलारी के सबसे अधिक मरीज है।

डाॅ. मोहसिन, एआरटी सेंटर जिला अस्पताल।


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