मुरादाबाद, जेएनएन : केंद्र सरकार द्वारा सख्त कानून बना दिए जाने के बावजूद तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं का उत्पीडऩ जारी है। यह एक ऐसा मामला है कि तीन तलाक देना ही समझ नहीं आ रहा क्योंकि विवाहिता ससुर के दफन में शिरकत करने आई तो विवाहिता को पति ने मारापीटा और तीन तलाक दे दिया। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने महिला की और से पति समेत छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। रामपुर शहर के मुहल्ला रसूलपुर निवासी मासूम जहां की शादी २४ वर्ष पूर्व कोतवाली के गांव जहांगीरपुर निवासी नूर मोहम्मद के बेटे मोहब्बे अली के साथ हुई थी। हैसियत के अनुसार दान दहेज भी दिया था, लेकिन दहेजलोभी दहेज में बाइक न मिलने के कारण नाराज थे। विवाहिता के साथ मारपीट करते थे। लोकलाज के डर से महिला उनकी ज्यादतियां बर्दाश्त करती रही। वहीं ससुरालिये बच्चे न होने पर उसे सताने लगे और बांझ होने का ताना देने लगे। दहेज में बाइक की मांग पूरी न करने पर दूसरी शादी की धमकी दी। २०१२ में पत्नी की मर्जी के खिलाफ पति ने युवती से दूसरी शादी कर ली। २०१४ में पति मोहब्बे अली, भाई नौशे अली, नक्शे अली, चाचा हबीब अहमद, नजीर अहमद, बहनोई शाहिद अली ने जान से मारने की नियत से जहरीले पदार्थ का सेवन भी कराया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। उपचार कराने के बाद अपने पिता के घर रहकर गुजर बसर करने लगी।

इस दौरान पति ने पत्नी की कोई खबर नहीं ली। तीन सितंबर को विवाहिता को ससुर नूर मोहम्मद की मौत की जानकारी हुई तो वह दफन में शिरकत करने के लिए ससुराल पहुंची। इस पर पति ने गाली गलौज के बाद मारपीट करने लगा। पति ने तीन तलाक दे घर से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। विवाहिता ने मामले की तहरीर पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक के आदेश पर विवाहिता की तहरीर पर पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

Posted By: Narendra Kumar

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