मुरादाबाद, जेएनएन। पहली जून से चलने वाली ट्रेनों में कोच के अंदर वेंडर खाने देने नहीं जाएगा, बल्कि यात्रियों को बाहर आकर खाना लेना पड़ेगा। आन लाइन बुक कराकर खाना भी यात्री नहीं मंगा पाएंगे। रेलवे प्लेटफार्म पर खान-पान स्टॉल खोलने की गाइड लाइन जारी की गई है। देश कोरोना से मुक्त नहीं हुआ है, सरकार जीवन को पटरी पर लाने का प्रयास शुरू कर दिया है। पहली जून से रेलवे देश भर में दो सौ ट्रेनें चलाने जा रही है। ट्रेनों में पैंट्रीकार नहीं होगा। प्लेटफार्म पर खान-पान की सुविधा उपलब्ध होगी। प्लेटफार्म पर खान-पान की बिक्री के लिए गाइड लाइन जारी किया है। गाइड लाइन में कहा कि प्लेटफार्मो पर 24 घंटे खाना-पान व अन्य स्टॉल खुलेंगे। सभी प्रकार के खाना को बंद डिब्बे में बेचना पड़ेगा।

मास्क व हैंड गलब्स अनिवार्य 

वेंडर मास्क व हैंड गलब्स अनिवार्य रूप से पहनेगा। यात्री को स्टॉल से दूरी रखकर खाना व अन्य सामान उपलब्ध कराएगा। रुपये लेने के बाद हाथ को सैनिटाइज करेगा। गाइड लाइन में स्पष्ट कर दिया है कि कोच के अंदर जाकर कोई भी वेंडर खाना या अन्य समान की बिक्री नहीं करेगा। यात्री खिड़की से खाना यात्री को देगा या यात्री कोच से बाहर आकर खाने लगेगा। प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा ने बताया कि प्लेटफार्म पर खान-पान व अन्य स्टॉल खोलने का गाइड लाइन जारी कर दिया है। एक जून से 24 घंटे प्लेटफार्मो पर स्टॉल खुलेंगे।

एहतियातन उठाया गया कदम

रेलवे ने इस फैसले का कोई अहम कारण नहीं बताया है। हालांकि माना जा रहा है कि रेलवे ने यह कदम कोरोना  वायरस को संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए उठाया है। दरअसल वेंडरों के कोच में आने पर कई बार पानी आदि लेने के लोग टूट पड़ते हैं। ऐसे में शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो पाता। लिहाजा रेलवे इसका तोड़ खोज  निकाला। इस वक्‍त रेलवे यात्रियों को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहा है। अभी कुछ दिन पूर्व ही मुरादाबाद रेलवे के कर्मचारियों ने यात्रियों को दूर से ही पानी उपलब्‍ध कराने के लिए नीर धारा का आविष्‍कार किया।

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