मुरादाबाद, जेएनएन। वल्र्ड बैंक के फंड से जर्जर और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगाने के लिए ऑटोमेटेड इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन (आइएंडसी) सेंटर  बनेंगे। प्रदेश में मुरादाबाद समेत पांच जगहों पर बनने वाले सेंटरों में वाहनों की फिटनेस होगी। इसके लिए जिलाधिकारी से दो एकड़ जमीन मांगी गयी है। 

हर साल होती है मैनुअल फिटनेस

वर्तमान में हर साल वाहनों की फिटनेस मैनुअल होती है। इससे अनफिट वाहनों को भी फिटनेस प्रमाणपत्र मिल जाता है। इससे सड़क दुर्घटनाएं और प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। वल्र्ड बैैंक ने इस पर रोक लगाने के लिए पहल की है। देश के प्रमुख शहरों में आइएंडसी सेंटर बनाने को फंड उपलब्ध करा रहा है। उत्तर प्रदेश में पांच स्थानों में मुरादाबाद, लखनऊ, कानपुर, आगरा और झांसी में सेंटर बनाए जाने को मंजूरी दी गई है।

एक सेंटर बनाने में खर्च होंगे करीब 14 करोड़ रुपये

एक सेंटर बनाने में 13.76 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। वल्र्ड बैैंक सेंटर को चलाने के लिए दो साल तक फंड भी उपलब्ध कराएगा। प्रदेश सरकार को फ्री में जमीन उपलब्ध कराया जाना है। एक सेंटर के लिए न्यूनतम दो एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इसका नोडल अधिकारी संभागीय परिवहन अधिकारी को बनाया गया है। जमीन मिलने के बाद दो साल में सेंटर चालू हो जाएगा। 

यहां स्वचालित उपकरण से होगी जांच 

सेंटर में आधुनिक उपकरण लगेंगे। इनसे वाहनों का इंजन, प्रदूषण स्तर, ब्रेक, गेयर, सीट व बॉडी के हालत, सुरक्षा के उपकरण की जांच होगी। पूरी तरह से मानक पर खरा उतरने पर ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इससे जर्जर व प्रदूषण फैलाने वाले वाहन सड़कों पर नहीं चल पाएंगे। 

परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित शुल्क लिया जाएगा

सेंटर में वाहनों का फिटनेस की जांच कराने पर कोई अतिरिक्त राशि खर्च नहीं करनी होगी। परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित फिटनेस शुल्क लिया जाएगा। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) आरआर सोनी ने बताया कि आइएंडसी सेंटर के लिए शीघ्र जमीन उपलब्ध हो जाएगी। दो साल में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और वाहन का फिटनेस आइएंडसी सेंटर में किया जाएगा।  

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