विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

शहरों जैसी चमकेगी गांवों की किस्मत! पीपलसाना मॉडल से बदलेंगे 132 से ज्यादा गांव, DPRO आलोक शर्मा ने दिए सीधे समाधान

Published: Wed, 16 Sep 2026 10:10 PM (IST)

डीपीआरओ आलोक शर्मा ने 'प्रश्न पहर' में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। पहले चरण ...और पढ़ें

जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) आलोक कुमार जागरण

जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) आलोक कुमार जागरण

HighLights

  1. पहले चरण में 132 गांवों में शुरू हुई डिजिटल लाइब्रेरी, दूसरे चरण की तैयारी

  2. सफाई, सड़क, बिजली, जलभराव और अंत्येष्टि स्थल से जुड़ी शिकायतें पहुंचीं

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। गांवों की समस्याएं अक्सर छोटी दिखती हैं, लेकिन ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी इन्हीं से प्रभावित होती है। कहीं सफाई कर्मचारी के नहीं पहुंचने से गंदगी पसरी है तो कहीं सड़क और जलभराव की समस्या लोगों की राह रोक रही है। किसी गांव में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट से रात का अंधेरा परेशानी बढ़ा रहा है तो कहीं अंत्येष्टि स्थल की सफाई की जरूरत है।

डिजिटल लाइब्रेरी, पेयजल, बिजली, पंचायत भवन और गांवों में खाली प्लाटों पर कूड़ा डालने से लेकर जमीन पर कब्जे तक की शिकायतें ग्रामीणों ने दैनिक जागरण के प्रश्न पहर में जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा के सामने रखीं।

बुधवार को फोन पर हुई बातचीत में डीपीआरओ ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि पीपलसाना के माडल पर गांवों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

ग्राम पंचायतें कूड़ा कलेक्शन से लेकर उसके निस्तारण तक आत्मनिर्भर बनें, इसके लिए जनसहयोग जरूरी है। पंचायतों की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पहले चरण में 132 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू हो चुकी हैं। लक्ष्य है कि जनसहयोग से गांवों को भी शहर की तरह सुविधाओं से विकसित किया जाए।

प्रश्न: जिले के हर गांव में सफाई को लेकर परेशानी हो रही है। सफाई कर्मचारी गांव नहीं आते। पीपलसाना गांव की तरफ अन्य गांवों में भी सफाई की व्यवस्था क्यों लागू नहीं हो रही है?

उत्तर: निकायों की तरफ निजी कंपनी को सफाई का ठेका देकर पीपलसाना गांव को मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है। इस गांव में 22 कर्मचारी ग्राम पंचायत के ठेकेदार कंपनी ने रखे हैं। ग्राम पंचायत लोगों से धनराशि लेकर कंपनी का हर महीने भुगतान कर रही है। सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए इसी मॉडल को अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि गांवों में नियमित सफाई के साथ कूड़ा कलेक्शन और उसके निस्तारण की भी बेहतर व्यवस्था हो।

प्रश्न: हमारे गांव से अंत्येष्टि स्थल में झाड़ियां उग आई हैं। इसकी सफाई की व्यवस्था करा दीजिए। सफाई कर्मी वहां की सफाई नहीं करता है। इसके लिए हमें क्या करना होगा? हरीश कुमार, ग्राम मोहब्बतपुर

उत्तर: आपने जानकारी देकर अच्छा किया। जिले पर बैठकर हर समस्या का पता नहीं लग पाता है। गुरुवार को ही आपके यहां टीम जाकर सफाई करेगी। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) से अभी बात करके कह दे रहा हूं। अंत्येष्टि स्थल की सफाई भी ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है। इस तरह की समस्या सामने आने पर ग्रामीण संबंधित अधिकारियों को भी जानकारी दे सकते हैं, ताकि समय से समाधान कराया जा सके।

प्रश्न: गांव के तालाब में बहुत गंदगी है, स्कूल में पानी भरा रहता है। डिजिटल लाइब्रेरी के नाम पर खानापूर्ति की है। पंचायत भवन का भी खराब है। इसका समाधान कैसे होना है? कमल शर्मा, ग्राम पैगम्बरपुर सुखवाली लाल

उत्तर: गांव के तालाब की सफाई के संबंध में बात करके ही समाधान होगा। स्कूल व पंचायत भवन भी दिखवा लेता हूं। डिजिटल लाइब्रेरी भी हमारी ओर से अच्छी बनी है। इंटरनेट की सुविधा के साथ कंप्यूटर भी लगे हैं। बच्चों को किसी भी तरह की शिकायत हो तो वह सीधे हमें बता सकते हैं। पंचायत भवन और विद्यालय की स्थिति भी संबंधित अधिकारियों से दिखवाकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।

प्रश्न: हमारे गांव में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद के किनारे जलभराव की समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायत करने पर भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। अब क्या करें? इरशाद हुसैन, ग्राम रुस्तमनगर सहसपुर

उत्तर: यह समस्या मेरी जानकारी में आई है। बिलारी ब्लाक कार्यालय के आसपास का मामला है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराना है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा। जलभराव के कारण ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभाग से समन्वय कर समस्या को आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रश्न: हमारे गांव में कई महीने से कोई सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। सफाई कर्मचारी की नियुक्ति क्यों नहीं हो रही है और कब तक होने की उम्मीद है? रिजवान अहमद, ग्राम बहेड़ी रोशनपुर

उत्तर: प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक सफाई कर्मचारी रहेगा। सफाई कर्मचारी की नियुक्ति के संबंध में जानकारी करके जल्द निर्णय लिया जाएगा। आपकी समस्या का समाधान कराएंगे। जहां सफाई कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं, वहां व्यवस्था बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी, ताकि गांवों में नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो

प्रश्न: हमारे गांव की लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। कई बार गांव के सचिव को बताया लेकिन अभी तक लाइटें ठीक नहीं हो सकी हैं। कृपया यह बताएं हमारी लाइटें कब तक सही होंगी? सुनील दत्त, ग्राम सिहोरा बाजे

उत्तर: आपकी लाइटों को सही करा दिया जाएगा। आगामी एक-दो दिन में ही आपके यहां के सचिव बात करेंगे। लाइट ग्राम पंचायत की नहीं भी होगी तो प्रशासक से ठीक करा देंगे। गांव में प्रकाश व्यवस्था जरूरी है। इसलिए संबंधित स्तर पर बात करके खराब लाइटों को ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को रात में परेशानी न हो।

प्रश्न: जिले में डिजिटल लाइब्रेरियां बनाई जा रही हैं। गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग भी खराब हो गया है। हमारे यहां की सड़क कब ठीक होगी और डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना कैसे होगी? सिराज अहमद, ग्राम फत्तेहपुर खास

उत्तर: पहले चरण में जिले की 132 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनी हैं। दूसरे चरण के नाम भी जल्द ही पता लग जाएंगे। लाइब्रेरियां सभी गांवों में बननी हैं। संपर्क मार्ग के संबंध में लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखते हैं। डिजिटल लाइब्रेरी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।

जागरण के जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा से पांच प्रश्न

प्रश्न: ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

उत्तर: ग्राम पंचायतों को अपनी आय के स्रोत बढ़ाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। पंचायत की जमीन, भवन और अन्य उपलब्ध संसाधनों का नियमानुसार उपयोग किया जा सकता है। इससे पंचायतों को अपने विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि मिलेगी।हमारा प्रयास है कि पंचायतें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए पूरी तरह दूसरे स्रोतों पर निर्भर न रहें।

प्रश्न: प्रशासकों के कार्यकाल में किस तरह के विकास कार्य कराए जा रहे हैं?

उत्तर: प्रशासकों के कार्यकाल में भी ग्राम पंचायतों में जरूरी विकास कार्य प्रभावित न हों, इसका ध्यान रखा जा रहा है। सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, रास्ते, पंचायत भवन और अन्य जरूरी कार्य प्राथमिकता में हैं। ग्रामीणों की जरूरत के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर नियमानुसार कार्य कराए जा रहे हैं। जनसुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रश्न: ग्राम पंचायतों में सचिवालयों में संचालित जनसेवा केंद्रों की क्या स्थिति है?

उत्तर: ग्राम पंचायत सचिवालयों में संचालित जनसेवा केंद्रों का उद्देश्य ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर विभिन्न सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। प्रयास है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए दूर न जाना पड़े, जहां केंद्रों के संचालन में समस्या है, वहां संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर व्यवस्था को बेहतर कराया जाएगा।

प्रश्न: गांवों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्या नई पहल की जा रही है?

उत्तर: पीपलसाना की सफाई व्यवस्था को माडल मानकर अन्य ग्राम पंचायतों में भी इसे लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें कूड़ा घर-घर से एकत्र करने और उसके निस्तारण पर जोर है। ग्राम पंचायतें स्वयं इस व्यवस्था को संचालित करें, इसके लिए जनसहयोग और स्थानीय स्तर पर आय के साधन बढ़ाने पर भी काम होगा।

प्रश्न: गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू करने के पीछे क्या उद्देश्य है और इसका विस्तार कैसे होगा?

उत्तर: डिजिटल लाइब्रेरी का उद्देश्य गांव के बच्चों और युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है। पहले चरण में 132 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू हो चुकी हैं। इनमें इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा दी गई है। आगे अन्य ग्राम पंचायतों में भी चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी शुरू करने की योजना है।

यह भी पढ़ें- मुरादाबाद के कांठ में फंसा 15वां तेंदुआ: ग्रामीणों ने ली राहत की सांस, पर दहशत अब भी बरकरार