चीनी के दाम पर अंकुश की तैयारी: मेरठ-बरेली से मुरादाबाद की 7 मिलों को मिलेगा 1.10 करोड़ क्विंटल गन्ना
शासन ने चीनी के दाम नियंत्रित करने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मुरादाबाद मंडल की ...और पढ़ें

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HighLights
मेरठ-बरेली की चीनी मिलों के क्षेत्र से मंडल की सात मिलों को गन्ना आवंटित
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। चीनी के बढ़ते दाम पर अंकुश लगाने और किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय से दिलाने के लिए शासन ने अच्छी पहल की है। मुरादाबाद मंडल की सात चीनी मिलों को अब मेरठ और बरेली मंडल की चीनी मिलों के क्षेत्र से 110.52 लाख क्विंटल अतिरिक्त गन्ना मिलेगा। गन्ना सुरक्षण आदेश के तहत यह आवंटन किया गया है।
इसके लिए 76 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। शासन की कोशिश है कि अक्टूबर के अंत तक चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू हो जाए, जिससे चीनी का उत्पादन समय से शुरू हो और बाजार में इसकी उपलब्धता बनी रहे।
मुरादाबाद मंडल में गन्ने के रकबे में कमी आने के बीच मिलों की पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ना जुटाना जरूरी हो गया है। ऐसे में दूसरे मंडलों की चीनी मिलों के क्षेत्र से गन्ना आवंटित कर आपूर्ति की व्यवस्था बनाई गई है।
इससे मंडल की मिलों को पेराई के लिए पर्याप्त गन्ना मिलने की उम्मीद है। गन्ना विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य मिलों का संचालन सुचारू रखना और किसानों को गन्ना आपूर्ति में परेशानी से बचाना है।
उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि मेरठ मंडल की सिम्भावली चीनी मिल के क्षेत्र से मुरादाबाद मंडल की छह चीनी मिलों को गन्ना आवंटित किया है।
इनमें बिजनौर की चांगीपुर चीनी मिल को सर्वाधिक 30.38 लाख क्विंटल गन्ना और 23 क्रय केंद्र दिए गए हैं। मुरादाबाद की अगवानपुर चीनी मिल को 14.62 लाख क्विंटल गन्ना और 10 केंद्र आवंटित किए गए हैं।
संभल की रजपुरा चीनी मिल को 14.82 लाख क्विंटल गन्ना और 12 केंद्र, असमोली को 12.94 लाख क्विंटल गन्ना और सात केंद्र तथा मझावली चीनी मिल को 12.44 लाख क्विंटल गन्ना और 10 केंद्र दिए गए हैं।
अमरोहा की चंदनपुर चीनी मिल को 9.30 लाख क्विंटल गन्ना और पांच केंद्र आवंटित किए गए हैं। बरेली मंडल की बहेड़ी चीनी मिल के क्षेत्र से रामपुर की मिलक नरायनपुर चीनी मिल को 17.48 लाख क्विंटल गन्ना और नौ क्रय केंद्र मिले हैं। इस तरह सातों चीनी मिलों के लिए दूसरे मंडलों से गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
पेराई शुरू होने से बढ़ेगी चीनी की उपलब्धता
शासन की मंशा है कि चीनी मिलों का संचालन समय से शुरू हो, ताकि उत्पादन में देरी न हो। समय से पेराई शुरू होने पर बाजार में चीनी की आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे कीमतों पर अंकुश लगाने की कोशिश को भी बल मिल सकता है।
किसानों के लिए गन्ना मूल्य का समय से भुगतान भी अहम है। अतिरिक्त गन्ना आवंटन से मिलों को अपनी क्षमता के अनुरूप पेराई करने का अवसर मिलेगा, लेकिन भुगतान में सुधार के लिए मिलों की वित्तीय स्थिति और बकाया राशि की नियमित निगरानी जरूरी होगी।
जिन चीनी मिलों का क्षेत्र काटकर मुरादाबाद मंडल की चीनी मिलों को दिया गया है, उनकी भुगतान की स्थिति खराब रही है। बरेली की बहेड़ी चीनी तो बंद होने के कगार पर है।
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