बहेड़ी और नवाबगंज मिलें बंद! अब इन 3 जिलों में जाएगा बरेली के किसानों का गन्ना, आवंटन जारी
बरेली की केसर चीनी मिल बहेड़ी और ओसवाल चीनी मिल नवाबगंज को इस बार गन्ना आवंटित नहीं किया गया है, ...और पढ़ें

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HighLights
त्रिवटीनाथ चीनी मिल को सिर्फ छह सेंटरों का 19 लाख क्विंटल गन्ना
जागरण संवाददाता, बरेली। जिले की केसर चीनी मिल बहेड़ी और ओसवाल चीनी मिल नवाबगंज चलने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं। इन दोनों चीनी मिलों को गन्ना आवंटित नहीं किया गया है। त्रिवटीनाथ चीनी मिल को भी सिर्फ छह सेंटरों का 19 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित हुआ है। इस साल बरेली के किसानों का गन्ना पीलीभीत, शाहजहांपुर और रोजा चीनी मिलों तक भेजा जाएगा।
नवीन पेराई सत्र के लिए चीनी मिलों को गन्ना क्षेत्र का आवंटन कर दिया है। बहेड़ी चीनी मिल को लेकर चल रही ऊहापोह की स्थिति खत्म हो गई है। इस चीनी मिल को गन्ना आवंटित ही नहीं किया गया है।
बहेड़ी चीनी मिल के गन्ना सेंटरों में से 11 सेंटर फरीदपुर, 12 मीरगंज, तीन सेमीखेड़ा, पांच पीलीभीत, नौ निगोही, नौ मिलक नरायनपुर और सात रोजा चीनी मिल को आवंटित कर दिया गया है।
ओसवाल चीनी मिल नवाबगंज को पिछली साल ही गन्ना नहीं दिया गया था, इस बार चीनी मिल को नीलाम कराकर किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की प्रक्रिया चल रही है। इस बार भी कोई गन्ना आवंटित नहीं किया गया है।
पिछले साल चालू हुई त्रिवटीनाथ चीनी मिल को महज छह सेंटरों का 19 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया है। पिछली साल इस मिल को ज्यादा गन्ना आवंटित हुआ था, लेकिन चीनी मिल में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण ठीक से चल नहीं पाई थी।
इस बार पेराई नियमित होती रही तो गन्ना के सेंटर बढ़ाए जा सकते हैं। फरीदपुर चीनी मिल को 80 सेंटरों का 245 लाख क्विंटल गन्ना, मीरगंज चीनी मिल को 99 सेंटरों का 229 लाख क्विंटल, सेमीखेड़ा को 14 सेंटरों का 89 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया है।
दीपावली के बाद ही चालू होंगी चीनी मिलें
चीनी मिलों में पेराई सत्र दीपावली के बाद ही शुरू होने के आसार दिखाई पड़ रहे हैं। जिले में 1,01,654 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना का उत्पादन किया गया है।
चीनी की बढ़ी कीमतों को देखते हुए अक्टूबर में ही चीनी मिलों में पेराई शुरू करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन लगातार हुई बरसात के चलते अब 10 से 15 नवंबर के बीच ही चीनी मिलों में पेराई शुरू हो सकेगी।
चीनी मिलों को गन्ना का आवंटन कर दिया गया है। किसानों के गन्ना मूल्य की बकायेदार बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिल को गन्ना आवंटित नहीं किया गया है। पिछली साल पांच से 15 नवंबर के बीच में चीनी मिलों में पेराई शुरू हुई थी। इस बार अक्टूबर में पेराई सत्र शुरू कराने की तैयारी थी, लेकिन बरसात के कारण नहीं हो सकी। नवंबर के पहले पखवारा में सभी चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू हो जाएगा।
- डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी
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