यूपी के इस जिले में एक साथ नजर आए 7 सारस, सामने आईं चौंकाने वाली तस्वीरें; सरकार ने शुरू कराया बड़ा सर्वे
मुरादाबाद में राज्य पक्षी सारस की गणना बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी द्वारा की जा रही है। डिडौरा झील में एक ...और पढ़ें

डिडौरा झील में राज्यपक्षी सारस अपने बच्चे का साथ दिखाई दिया। सौ. मुहम्मद आलम, समन्वयक, डब्ल्यू़डब्ल्यूएफ।
HighLights
बंबई प्राकृतिक इतिहास संस्था जुटा रही आंकड़े, मौढ़ा तैय्या-फतेहउल्ला झील भी सारस के पसंदीदा ठिकाने
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। जिले की झीलों और खेतों में दिखाई देने वाले राज्य पक्षी सारस की गिनती हो रही है। बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बीएनएचएस) के माध्यम से नरेन्द्र मोदी सरकार सारस की गिनती करा रही है। संस्था की टीम ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम की मदद से 10 और 11 अक्टूबर को देशभर में सारस की गणना कराई।
मुरादाबाद के डिडौरा झील में एक साथ सात सारस दिखाई देने के बाद इनके प्राकृतिक ठिकानों को लेकर भी उत्सुकता बढ़ गई है। गणना से जिले में सारस की मौजूदगी और इनके संरक्षण की संभावनाओं को समझने में मदद मिलेगी।
डिडौरा झील में एक साथ सात सारस दिखाई देने की फोटो डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के समन्वयक मुहम्मद आलम ने संस्था के साथ साझा किए हैं। इसी तरह प्रदेश के अन्य स्थानों से भी फोटो संस्था को भेजे गए हैं। मुरादाबाद की मौढ़ा तैय्या झील और फतेहउल्ला झील में सारस आते हैं।
जिले में मौजूद जलस्रोत और उनके आसपास के खेत इन पक्षियों के लिए भोजन और रहने का ठिकाना बन सकते हैं। सर्वे के दौरान सारस दिखाई देने वाले और भी स्थानों को दर्ज करना अहम है, ताकि इनके प्रमुख ठिकानों की पहचान हो सके।
बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बीएनएचएस) का सर्वे का उद्देश्य देश में सारस की आबादी का आधारभूत आंकड़ा तैयार करना और इनके प्राकृतिक आवासों की पहचान करना है। गणना में वन विभाग, शोधकर्ताओं, किसानों और स्थानीय लोगों का सहयोग लिया गया।
संरक्षण की योजना बनाने में मिलेगी मदद
सारस उत्तर प्रदेश का राज्य पक्षी है। इसकी आबादी और प्राकृतिक ठिकानों की जानकारी मिलने से संरक्षण की जरूरतों को समझना आसान होगा। बिजली के तारों से टकराव, कीटनाशकों का इस्तेमाल और जलस्रोतों का सिकुड़ना इनके लिए खतरा बन सकते हैं।
सर्वे के आंकड़ों से यह भी पता लगाने में मदद मिलेगी कि सारस किन क्षेत्रों में प्रजनन करते हैं और भोजन की तलाश में कहां जाते हैं। भारतीय आर्द्रभूमि मानचित्रण के एक पुराने राष्ट्रीय आकलन में मुरादाबाद जिले में कुल 7174 हेक्टेयर आर्द्रभूमि दर्ज की गई थी। इसमें 1083 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले छोटे जलक्षेत्र भी शामिल थे।
सारस हमारे प्रदेश का राज्य पक्षी है। इसकी संख्या और प्राकृतिक आवासों की जानकारी जुटाना संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सर्वे से इनके प्रमुख ठिकानों की पहचान होगी और भविष्य में सारस के संरक्षण के लिए प्रभावी योजना बनाने में मदद मिलेगी।
- डाॅ. विनय कुमार सिंह, डीएफओ, मुरादाबाद
यह भी पढ़ें- मुरादाबाद नजूल भूमि मामला: करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा कराने वाला लेखपाल निलंबित, विधायक की पैरवी भी नहीं आई काम
