यूपी में आलू के दाम घटने पर किसानों को मिलेगा 20 हजार तक मुआवजा, कोल्ड स्टोरेज में रखने पर भी होगा लाभ
उत्तर प्रदेश में आलू किसानों को भाव स्थिरता और शीतगृह भंडारण के लिए दो योजनाओं के तहत 20,000 रुपये तक का अनुदान मिलेगा।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
आलू भाव स्थिरता योजना में 20,000 रुपये तक अनुदान।
शीतगृह भंडारण शुल्क पर भी 20,000 रुपये तक सहायता।
700 रुपये प्रति क्विंटल से कम दाम पर मिलेगा लाभ।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। आलू की बंपर पैदावार के बाद बाजार में भाव गिरने की चिंता किसानों को सताती है। ऐसे में अगर आलू 700 रुपये प्रति क्विंटल से कम दाम पर बिकता है तो पात्र किसानों को राहत मिल सकती है।
उद्यान विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए भाव स्थिरता और शीतगृह भंडारण शुल्क अनुदान की दो योजनाएं संचालित की हैं। इनके तहत किसानों को अधिकतम 20-20 हजार रुपये तक अनुदान मिल सकेगा।
उप निदेशक उद्यान डॉ. विनीत कुमार के अनुसार, भाव स्थिरता योजना के तहत 30 से 80 मिलीमीटर आकार के निर्धारित गुणवत्ता वाले आलू का बिक्री मूल्य 700 रुपये प्रति क्विंटल से कम होना जरूरी है।
साथ ही व्यापारी से भुगतान बैंकिंग माध्यम से प्राप्त होना चाहिए। अनुदान उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के अंतर में से जो भी कम होगा, उसके आधार पर मिलेगा।
इस योजना में प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल और 200 क्विंटल उत्पादन तक की सीमा तय है। अधिकतम अनुदान 20 हजार रुपये है। पट्टे पर खेती करने वाले किसान भी पात्र होंगे। आलू मंडी, उपमंडी, निजी शीतगृह परिसर या खेत से बेचने पर योजना का लाभ लिया जा सकता है।
शीतगृह से आलू निकालने के बाद मिलेगी मदद
निजी शीतगृहों में आलू रखने वाले किसानों को भंडारण शुल्क पर 100 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान मिलेगा। अधिकतम 200 क्विंटल आलू पर 20 हजार रुपये तक सहायता अनुमन्य है। इसके लिए आलू की निकासी जरूरी है।
किसानों को आधार कार्ड या कृषक आईडी से ई-केवाईसी कराकर बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी और संबंधित बिक्री या भंडारण के अभिलेख अपलोड करने होंगे। आवेदन [आलू अनुदान पोर्टल](https://potato.uphorticulture.in) पर या जनसेवा केंद्र के माध्यम से किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- बहराइच में पीएम मोदी के 'मन की बात' की धूम, छोटे व्यापारियों की मदद का लिया संकल्प
