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पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव: राशन कार्ड और वोटर ID से भी बनेगी वृद्धावस्था पेंशन, शासन ने जारी किया आदेश

Published: Wed, 20 May 2026 03:46 PM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब शहरी क्षेत्रों में हाईस्कूल प्रमाणपत्र ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र

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HighLights

  1. हाईस्कूल प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर न होने पर पांच वैकल्पिक दस्तावेज मान्य, शासन ने जारी किया संशोधित आदेश

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश शासन ने वृद्धावस्था पेंशन योजना में बड़ा बदलाव करते हुए शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को बड़ी राहत दी है। अब ऐसे बुजुर्ग, जिनके पास हाईस्कूल का शैक्षिक प्रमाणपत्र या परिवार रजिस्टर उपलब्ध नहीं है, वे पांच अन्य दस्तावेजों के आधार पर अपनी आयु प्रमाणित कर पेंशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। शासन ने इस संबंध में नया संशोधित आदेश जारी कर दिया है।

प्रमुख सचिव अनुराग यादव की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक नगरीय क्षेत्रों में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत आयु सत्यापन के लिए अब राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पैन कार्ड को भी मान्य दस्तावेज माना जाएगा। यह व्यवस्था केवल शहरी क्षेत्रों के लिए लागू की गई है।

दरअसल, इससे पहले शासन ने 12 मार्च 2026 को जारी आदेश में आधार कार्ड में अंकित जन्मतिथि को आयु प्रमाण के रूप में मान्य करने से इनकार कर दिया था। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और नियोजन विभाग की ओर से मिले निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया था।

इसके बाद बड़ी संख्या में बुजुर्गों के सामने पेंशन आवेदन में संकट खड़ा हो गया था, खासकर शहरों में रहने वाले उन लोगों के लिए जिनके पास न तो शैक्षिक प्रमाणपत्र थे और न ही परिवार रजिस्टर। उन्हें आवेदन करने में परेशानी हो रही थी। उपनिदेशक समाज कल्याण मुश्ताक अहमद ने बताया कि शासन के इस फैसले से प्रदेश के हजारों शहरी बुजुर्गों को राहत मिलेगी।

अब तक दस्तावेजों की कमी के कारण कई पात्र लोग पेंशन योजना से वंचित रह जाते थे। खासकर पुराने शहरों और गरीब बस्तियों में रहने वाले बुजुर्गों के पास हाईस्कूल प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण आवेदन निरस्त हो रहे थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब पेंशन आवेदन प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।

ग्रामीण और शहरी व्यवस्था में अंतर बना परेशानी की वजह

शासन ने अपने आदेश में माना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार या कुटुंब रजिस्टर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे आवेदकों की आयु सत्यापित करने में ज्यादा दिक्कत नहीं आती। लेकिन नगरीय क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था नहीं होने के कारण वृद्धजनों को पेंशन आवेदन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

कई मामलों में आवेदन लंबित हो रहे थे, जबकि कई बुजुर्ग दस्तावेजों के अभाव में योजना से बाहर हो रहे थे। इसी समस्या को देखते हुए शासन ने पुराने आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए पांच वैकल्पिक दस्तावेजों को स्वीकार करने का फैसला लिया है।

इन पांच दस्तावेजों से होगी उम्र की पुष्टि

राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन कार्ड। इन दस्तावेजों के आधार पर जिला समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था पेंशन के आवेदन की जांच करेगा।

स्व-घोषणा पत्र देना होगा अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत आवेदक को निर्धारित प्रारूप पर एक स्व-घोषणा पत्र भी देना होगा। इसमें उसे यह घोषित करना होगा कि उसके पास हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है संबंधित शहरी क्षेत्र में परिवार रजिस्टर उपलब्ध नहीं है। इसके बाद ही वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर आवेदन स्वीकार किया जाएगा।

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