मुरादाबाद : फर्जी कागजात के जरिये जमानत कराने के मामले में बरेली सीबीसीआइडी की टीम ने एक वकील के मुंशी को गिरफ्तार किया है। 15 साल से पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। हालांकि अधिवक्ता अभी भी पकड़ से दूर है। आरोप है कि वकील और मुंशी ने हत्या के आरोपी की जमानत के लिए फर्जी तलबी कोर्ट में पेश कर दी थी। सीजेएम ने इसे पकड़ लिया था। इसके बाद दोनों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।

वर्ष 2003 में कटघर के करुला निवासी इकबाल पर हत्या का आरोप लगा था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। आरोपी की जमानत के लिए अधिवक्ता राजीव कुमार निवासी दिल्ली और मुंशी कृष्ण गोपाल निवासी पानदरीबा मुगलपुरा ने सीजेएम की अदालत में अर्जी डाली थी। जांच में जमानत के लिए लगाए गए कागजात फर्जी पाए गए। दरअसल, फर्जी कागजात के आधार पर ही आरोपी की जमानत कराने की तैयारी थी। सीजेएम ने ऐन वक्त पर इस फर्जीवाड़े को पकड़ लिया। इसके बाद सीजेएम के आदेश पर सिविल लाइन थाने में राजीव कुमार और कृष्ण गोपाल पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। तभी से दोनों वांछित चल रहे हैं। इस मामले की विवेचना पहले सिविल लाइन पुलिस ने शुरू की। पुलिस ने दोनों को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली सीबीसीआइडी टीम के इंस्पेक्टर शिव राज सिंह को विवेचना सौंप दी गई। शिवराज सिंह ने जांच में अधिवक्ता और मुंशी दोनों को दोषी पाया है। तभी से कृष्ण गोपाल और राजीव कुमार दोनों की तलाश में लगातार दबिशें दी जा रहीं थीं। मंगलवार को बरेली की टीम ने सिविल लाइन पुलिस के साथ मिलकर कृष्ण गोपाल के घर दबिश दे उसे गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर शिवराज सिंह का कहना है कि सिविल लाइन थाने में दर्ज मुकदमे में कृष्ण गोपाल की गिरफ्तारी दिखाने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया, यहां से उसे जेल भेज दिया गया।

वर्जन

कृष्ण गोपाल अपने अधिवक्ता राजीव कुमार के साथ मिलकर इकबाल की फर्जी तरीके से जमानत करा रहा था। दोनों जांच में दोषी पाए गए हैं। इनकी गिरफ्तारी नहीं होने से मुकदमे में चार्जशीट अधूरी पड़ी है। मुंशी की गिरफ्तारी होने के बाद चार्जशीट लगा दी जाएगी।

शिवराज सिंह, इंस्पेक्टर सीबीसीआइडी

Posted By: Jagran

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