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संभल की बेटी ने बचाई लाज: UP आम महोत्सव में शिवांका के मैंगो जैम ने जीता पहला पुरस्कार

Published: Mon, 13 Jul 2026 04:33 PM (IST)

मुरादाबाद मंडल को यूपी आम महोत्सव 2026 में केवल एक पुरस्कार मिला, जो संभल की शिवांका शर्मा ने मैंगो जैम ...और पढ़ें

मैंगो फेस्टीवल में सजे विभिन्न प्रजाति के आम

मैंगो फेस्टीवल में सजे विभिन्न प्रजाति के आम

HighLights

  1. आम की बेल्ट कहलाने वाला अमरोहा खाली हाथ, 183 प्रदर्श भेजे, सिर्फ एक को मिला सम्मान

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 में मुरादाबाद मंडल ने कुल 183 प्रदर्श भेजकर अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई, लेकिन पुरस्कारों की सूची सामने आने पर नतीजे उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहे। पूरे मंडल को केवल एक पुरस्कार मिला और वह भी संभल की शिवांका शर्मा को फूड प्रोसेसिंग श्रेणी में उनके मैंगो जैम के लिए प्रथम पुरस्कार के रूप में मिला।

इस प्रकार किसी तरह मंडल की लाज बचाने में संभल की बेटी ने अहम भूमिका निभाई। आम उत्पादन के लिए प्रदेशभर में पहचान रखने वाले अमरोहा जिले का पुरस्कार सूची से बाहर रह जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन से पांच जुलाई के बीच आयोजित महोत्सव में मुरादाबाद मंडल के पांचों जिलों से कुल 183 प्रदर्श भेजे गए थे। इनमें सबसे अधिक 83 प्रदर्श अकेले अमरोहा से पहुंचे। मुरादाबाद ने 30, संभल और रामपुर ने 25-25 तथा बिजनौर ने 20 प्रदर्श भेजे। पांच आमों को एक प्रदर्श कहा जाता है।

प्रदर्शों में पांचों जिलों के दशहरी, लंगड़ा, चौसा, रामकेला, आम्रपाली, गुलाबखास, बंबइया, फजली, नूरजहां, सेंसेशन, हुस्नआरा, रटौल, मल्लिका, अल्फांसो सहित कई दुर्लभ और उन्नत किस्में को शामिल किया था। अमरोहा को लंबे समय से उत्तर प्रदेश की प्रमुख आम बेल्ट माना जाता है। खाड़ी देशों में अमरोहा के आम काफी पसंद किए जाते हैं।

यही कारण था कि सबसे अधिक उम्मीदें भी अमरोहा से थीं लेकिन, इतने बड़े प्रतिनिधित्व के बावजूद एक भी पुरस्कार नहीं मिलना बागवानों और कृषि विशेषज्ञों को हैरान कर रहा है। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. दीपक मेंदीरत्ता का मानना है कि आज केवल अच्छी किस्म का आम पैदा करना पर्याप्त नहीं है।

प्रतियोगिताओं में फल के आकार, रंग, स्वाद, प्रस्तुतीकरण, पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण और वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए प्रोसेस्ड उत्पादों का भी विशेष महत्व होता है। यदि बागवानों को इन मानकों के अनुरूप पहले से प्रशिक्षण दिया जाए तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

उपनिदेशक उद्यान वीरेंद्र सिंह का कहना है कि हमसे अच्छा दूसरे जिलों ने काम किया। इसलिए पुरस्कार जीत लिए। आगे हम भी अच्छे से काम करके अपनी फसल की स्थिति और सुधारने का प्रयास करेंगे।

मंडल में 5.12 लाख टन आम का उत्पादन

मुरादाबाद मंडल में 28,867 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम के बाग हैं। यहां हर साल करीब 5.12 लाख टन आम का उत्पादन होता है। मंडल का आम दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, मुंबई के बाजारों के साथ खाड़ी देशों तक पहुंचता है।

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