मुरादाबाद [प्रदीप चौरसिया] ।  युद्ध के हालात हों या बाढ़ की स्थिति अब ट्रेनों का संचालन बाधित नहीं होगा। टिकटों की बिक्री जारी रहेगी और ट्रेनों को लगातार सिग्नल भी मिलता रहेगा। इसके लिए रेलवे ने डिजास्टर मैनेजर मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है।

सेंटर फोर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम 

भारतीय रेल को हर स्थिति में चलाने के लिए मजबूत किया जा रहा है। आपात स्थिति में सेना से लेकर आम यात्री को सुविधा के साथ गंतव्य तक पहुंचाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। दरअसल बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदा में सिग्नल व परिचालन सिस्टम बंद हो जाता है। युद्ध की स्थिति में दुश्मन रेलवे के दोनों सिस्टम ध्वस्त कर देते हैं। इससे ट्रेनें नहीं चल पाती हैं।

इस समस्या से निजात के लिए रेलवे के सेंटर फोर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने डिजास्टर मैनेजर मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। इससे मोबाइल, लैंडलाइन, केबिल और सेटेलाइट सिस्टम भी संचालित किया जा सकेगा। इस सिस्टम से परिचालन और पैसेंजर सिस्टम को जोड़ा गया है। आपात स्थिति में अधिकारी कंट्रोल रूम में बैठकर ट्रेनों का सुरक्षित संचालन कर सकते हैं।

सिस्टम इस तरह करेगा काम

बाढ़ की स्थिति में रेल लाइन के नीचे से पहाड़ी इलाकों में मिट्टी बह जाती है, लेकिन मैदानी क्षेत्रों में ऐसा नहीं होता है। मिट्टी बहने की स्थिति ट्रेन संचालन नहीं हो सकेगा, जबकि नहीं बहने पर संचालन जारी रहेगा। रेल लाइन को इस तरह से तैयार किया गया है कि भूकंप आने पर यह क्षतिग्रस्त नहीं होगी। हालांकि सिग्नल व परिचालन सिस्टम कई कारणों से प्रभावित होते हैं। नए सिस्टम से भूकंप के दौरान भी ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। इसके लिए रेलवे ने स्टेशनों पर पुराने सिस्टम को हटाकर आधुनिक परिचालन सिस्टम स्थापित करना शुरू कर दिया है।

अधिकांश स्टेशनों पर लगा दिए गए हैं आधुनिक सिस्टम

मुरादाबाद मंडल में अधिकांश स्टेशन पर आधुनिक परिचालन सिस्टम लगाए जा चुके हैं। कटघर से सीबीगंज तक पुराने सिस्टम को हटाकर नए परिचालन सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। ब्रांच लाइन जहां ट्रेनें काफी कम चलती हैं, वहां भी आधुनिक सिग्नल व अन्य सिस्टम लगाने का काम किया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि डिजास्टर मैनेजर मैनेजमेंट सिस्टम को रेलवे के सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। 

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