रामपुर के निजी स्कूल की बस बरेली में दुर्घटनाग्रस्त, कई बच्चे घायल

 जिले की मिलक तहसील के एक निजी स्कूल की बस बरेली में हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र में हुआ। मिलक तहसील की सीमा समाप्त होते ही मीरगंज थाने की सीमा शुरू हो जाती है। मीरगंज के कई बच्चे मिलक के हेरिटेज चिल्ड्रन अकेडमी स्कूल में रोजाना पढ़ने आते हैं। शनिवार को भी मीरगंज के बच्चे स्कूल बस से मिलक आ रहे थे। सुबह करीब सात बजे बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।  

श्रमजीवी एक्सप्रेस में बिगड़ी बुजुर्ग यात्री की तबीयत, इलाज न मिलने से चली गई जान

श्रमजीवी एक्सप्रेस में इलाज के लिए यात्री तड़पता रहा लेकिन, एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर मुरादाबाद में चिकित्सक ने बीमार को देखने तक से इन्कार कर दिया। हापुड़ में डॉक्टर ने जांच की तो यात्री की मौत हो चुकी थी। इसको लेकर यात्रियों ने हापुड़ स्टेशन पर हंगामा किया। मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट मांगी है। 

पुलिस मुठभेड़ में तीन शातिर डकैत गिरफ्तार 

मुरादाबाद ईदगाह रोड पर कब्रिस्तान के पास शनिवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में तीन शातिर डकैतों को गिरफ्तार कर लिया गया। फायरिंग के दौरान इनमें से एक डकैत के पैर में गोली लगी है। दो डकैत पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घायल डकैत को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।

चिट्ठी न पहुंचाने पर डाकिये पर 1.40 लाख का जुर्माना

रामपुर उपभोक्ता फोरम ने चिट्ठी न पहुंचाने पर डाकिये पर 1.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। थाना शहजादनगर के ककरौआ गांव निवासी रामपाल से जुड़ा है। वह होम्योपैथी विभाग में कर्मचारी हैं। वर्ष 2003 में उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में एक परिवाद दर्ज कराया था, जिसमें गांव के ही रहने वाले डाकिया भूकन सरन पर उनकी जरूरी चिट्ठी न पहुंचाने की शिकायत की थी। इसमें इस मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने डाक विभाग की सेवा में कमी मानते हुए जुर्माना लगाया था। 

कमल की खेती कर ये कर रहे लाखों की आमदनी, आय बढ़ाने के लिए आपको करना होगा ये काम

राष्ट्रीय पुष्प कमल के बारे में अभी तक आप यही जानते होंगे कि यह कीचड़ में उगता है। तालाब और झील के गंदे पानी में इसकी खेती होती है लेकिन, ऐसा नहीं है। कमल का फूल सामान्य खेत में भी खिलता है। यहां तक कि आप इसे अपने घर के गमले में भी लगा सकते हैं। इतना ही नहीं यह किसानों की आजीविका का बेहतर साधन भी है। मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र के मोढ़ा तेहिया गांव में किसान खेतों में कमल के फूल खिलाकर सम्पन्न हो रहे हैं। 

Posted By: Narendra Kumar

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