अजीबोगरीब चोरी: तेंदुए के इंतजार में बैठी रही वन विभाग की टीम, पिंजरे से बकरी और मुर्गियां चुरा ले गए चोर
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों से चोरों ने बकरी और मुर्गियां चुरा लीं। राघूवाला ...और पढ़ें

पिंजरे के पास खड़े ग्रामीण
HighLights
एक सप्ताह से लगा था पिंजरा, ताला तोड़कर चोर ले गए बकरी, एक दिन पहले मस्तलीपुर में दो मुर्गियां भी हुई थीं चोरी
जागरण संवाददाता, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगाया और उसमें बकरी बांधी, लेकिन रात में तेंदुआ तो नहीं आया, चोर जरूर पहुंच गए। चोर पिंजरे का ताला तोड़कर उसमें बंधी बकरी ही खोलकर ले गए।
गुरुवार सुबह घटना का पता चला तो वन विभाग के कर्मचारियों में खलबली मच गई। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही मस्तलीपुर में भी तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे का ताला तोड़कर दो मुर्गियां चोरी कर ली गई थीं।
राघूवाला स्थित गोशाला के पास तेंदुए को पकड़ने के लिए करीब एक सप्ताह से पिंजरा लगा हुआ है। वन विभाग के कर्मचारी अरुण कुमार ने बताया कि बुधवार शाम करीब छह बजे पिंजरे में बकरी बांधी गई थी।
पिंजरे पर ताला लगाकर उसकी चाबी वह अपने साथ ले गए थे। उस समय नन्हे कश्यप, गणपत सिंह और पवन कुमार समेत कई लोग वहां मौजूद थे। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे अरुण कुमार बकरी को देखने पहुंचे तो पिंजरे का ताला टूटा पड़ा था और बकरी गायब थी।
सूचना पर ग्राम प्रधान के पुत्र अकील मलिक और गोशाला कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। बकरी चोरी की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी वहां जुट गए।
कैमरों में तलाशे जा रहे चोर
ग्राम प्रधान मोहम्मद यामीन ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज में चोरों की तस्वीर मिलने के बाद ही उनका पता चल सकेगा।
लगातार दूसरी बार तेंदुए के लिए लगाए गए पिंजरे से चारा चोरी होने के बाद ग्रामीणों में भी चर्चा है कि जब पिंजरे की निगरानी नहीं हो पा रही है तो तेंदुए को पकड़ने की व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी।
एक दिन पहले दो मुर्गियां भी हुई थीं चोरी
मस्तलीपुर गांव में बुधवार को भी तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे का ताला तोड़कर उसमें रखी दो मुर्गियां चोरी कर ली गई थीं। इसके अगले ही दिन राघूवाला में बकरी चोरी होने से चोरों के हौसले और पिंजरों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
