मुरादाबाद, (प्रदीप चौरसिया)। Ban on Diesel Petrol vehicles : रेलवे स्टेशनों के परिसर में जल्द ही पेट्रोल और डीजल के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगने वाली है। ऐसा प्रदूषण को देखते हुए किया जाएगा। रेल प्रशासन रेलवे स्टेशनों को प्रदूषण मुक्त बनाने की तैयारी में है। इसके लिए बड़े स्टेशनों से पेट्रोल व डीजल के वाहन आने पर रोक लगाई जाएगी। उसके स्थान पर ई टैक्सी चलाई जाएगी। मुरादाबाद रेल मंडल के चार स्टेशनों से 40 ई टैक्सी चलाने की योजना है।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण प्रदूषण मुक्त कराने के लिए सभी विभागों को लगातार आदेश दे रहा है। इसके बाद रेल प्रशासन प्रदूषण मुक्त स्टेशन बनाने की योजना तैयार की है। जिसके तहत बिजली जाने पर जनरेटर चलाने के बजाय बिजली के लिए स्टेशनों की छतों पर सौर ऊर्जा के सिस्टम रेलवे लगा रहा है। इलेक्ट्रिक इंजन चलाने के लिए तेजी से विद्युतीकरण का काम किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र में विद्युतीकरण का काम हो चुका है, उस क्षेत्र में डीजल इंजन के बजाय इलेक्ट्रिक इंजन से मालगाड़ी व ट्रेनों को चलाया जा रहा है। वर्तमान में ट्रेनों से आने व जाने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन पर डीजल व पेट्रोल से चलने वाली टैक्सी उपलब्ध होती है।

रेल प्रशासन अब बड़े स्टेशनों को प्रदूषण मुक्त स्टेशन बनाने जा रहा है। डीजल व पेट्रोल की कार व मोटर-साइकिल पार्किंग को स्टेशन परिसर से हटाकर दूर करने जा रहा है। मुरादाबाद स्टेशन पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। रेल प्रशासन इम्पीरियल तिराहे के पास पार्किंग स्थल बना रहा है। स्टेशन परिसर में केवल सीएनजी चलने वाली वाहन या ई टैक्सी को आने की अनुमति दी जाएगी। रेलवे ने इसके लिए मुरादाबाद, बरेली, रुड़की व हरिद्वार स्टेशन पर 40 ई टैक्सी चलाने के लिए प्राइवेट एजेंसी को लाइसेंस देने की योजना तैयार की है।

स्टेशन परिसर में हरियाली के लिए पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। ई टैक्सी की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसी को दी जाएगी। ई टैक्सी को चार्ज करने के लिए तीन चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। चार्जिंग के के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे आधे घंटे में वाहन चार्ज हो जाएंगे। यहां केवल स्टेशन से संचालित होने वाली ई टैक्सी को चार्ज किया जाएगा। प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि प्रदूषण मुक्त स्टेशन बनाने के लिए मुरादाबाद समेत चार स्टेशनों पर ई टैक्सी चलाने की योजना है। ई टैक्सी चलाने वालों से नियमानुसार रेलवे प्रत्येक माह शुल्क लिया जाएगा। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही ई टैक्सी का संचालन शुरू हो जाएगा।

Edited By: Samanvay Pandey