ठाकुरद्वारा में 14वां तेंदुआ पिंजरे में कैद: मलकपुर में मिली राहत, तो बलिया में घर में घुसकर बकरी को बनाया शिकार; दहशत बरकरार
ठाकुरद्वारा के मलकपुर सेमली में 14वां तेंदुआ पिंजरे में कैद होने से ग्रामीणों को राहत मिली, लेकिन बलिया गांव में ...और पढ़ें

मलकपुर सेमली गांठ में वन विभाग के पिंजरे में कैद तेंदुआ। सौ. वन विभाग
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ठाकुरद्वारा में 14वां तेंदुए कैद, क्षेत्र में लगे हैं 42 पिंजरे फिर भी कम नहीं हो रहा खौफ
संवाद सहयोगी, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। एक तरफ रामगंगा नदी के बढ़े जलस्तर से खादर क्षेत्र के ग्रामीण बाढ़ की चिंता से जूझ रहे हैं। दूसरी तरफ तेंदुए की दहशत ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मलकपुर सेमली गांव में वन विभाग के पिंजरे में एक तेंदुआ कैद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
मगर, कुछ ही दूरी पर बलिया गांव में तेंदुए ने घर में घुसकर बकरी को उठा लिया और उसे निवाला बना डाला। घटना के बाद ग्रामीणों में फिर खौफ गहरा गया है।
बलिया गांव निवासी कोमल सिंह पुत्र रामचरण के घर में शनिवार रात तेंदुआ घुस आया। वह बकरी को उठाकर ले गया। ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुए ने बकरी को मारकर खा लिया। घटना की जानकारी होते ही गांव में दहशत फैल गई।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक सप्ताह से तेंदुए की कोई हलचल नहीं दिखने पर लोगों को लगा था कि खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन बकरी के शिकार की घटना ने इस भरोसे को तोड़ दिया।
ग्रामीण हरपाल सिंह ने बताया कि बलिया गांव पहले ही तेंदुए के हमलों का दंश झेल चुका है। इसी गांव में तेंदुए के हमलों में दो महिलाओं और एक पुरुष की जान जा चुकी है।
ऐसे में घर के पास तेंदुए की मौजूदगी की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेंदुए के खौफ का असर खेती पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि घने और ऊंचे गन्ने के खेत तेंदुए के छिपने के लिए सुरक्षित जगह बन गए हैं। इसी डर से किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि बलिया और आसपास के गांवों में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए और तेंदुए को जल्द पकड़ा जाए। लालापुर पीपलसाना गांव में लोग खेत पर नहीं आ जा रहे हैं। उधर, मलकपुर सेमली में तेंदुए के पिंजरे में कैद होने से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है।
लेकिन बलिया में हुई घटना ने साफ कर दिया है कि इलाके में तेंदुए का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वन दारोगा पीयूष जोशी ने बताया कि क्षेत्र के रामपुर एसओएस टीम, संभल की टीम, हस्तिनापुर की टीमें लगी हुई हैं।
