घरों के बीच पहुंचा तेंदुआ, सड़क पर बछड़े का किया शिकार; वन विभाग के ढुलमुल रवैये से ग्रामीणों में आक्रोश
मुरादाबाद के गंझेड़ा आलम गांव में तेंदुए ने आबादी के बीच बछड़े का शिकार किया, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। ...और पढ़ें

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HighLights
गंझेड़ा आलम में घरों के बीच सड़क पर किया शिकार, सभी टीमें की अलर्ट
संवेदनशील 22 गांवों में लगे 30 पिंजरे, कैमरे व थर्मल ड्रोन से हो रही तलाश
संवाद सहयोगी, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। तेंदुओं के लगातार हमलों और आबादी के बीच उसकी दस्तक से ठाकुरद्वारा तहसील के ग्रामीणों में खौफ बढ़ता जा रहा है। गंझेड़ा आलम गांव में बुधवार रात करीब 11 बजे तेंदुआ आबादी के बीच पहुंचा और घरों के बीच सड़क पर एक बछड़े को अपना निवाला बना लिया।
एक दिन पहले गांव में आवारा कुत्ते का शिकार किए जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी थी। वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर बचाव के उपाय बताए और पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार 24 घंटे बाद भी पिंजरा नहीं लग सका। इसी बीच तेंदुए ने फिर आबादी में पहुंचकर बछड़े का शिकार कर दिया।
प्रशासक हरपाल सिंह यादव ने बताया कि बछड़े को गंभीर सिंह और नन्हे महात्मा के घरों के बीच सड़क पर तेंदुए ने मारा। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ लगातार आबादी की ओर आ रहा है, इसलिए उसे पकड़ने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
क्षेत्र में तेंदुओं के संघर्ष को देखते हुए वन विभाग की ओर से बाहपुर गांव में अस्थायी वन चौकी स्थापित की गई है। विभाग के अनुसार ठाकुरद्वारा तहसील के बलिया, बाहपुर, बल्लभगढ़, मलकपुर सेमली, रतुपुरा समेत कई गांवों और कांठ तहसील के राजूपुर खद्दर, दांडी दुर्जन आदि गांवों से तेंदुएं देखे जाने की सूचनाएं मिली हैं।
इन संवेदनशील गांवों में वनकर्मियों की गश्त बढ़ाई गई है। वन विभाग की टीमें थर्मल ड्रोन से क्षेत्र की निगरानी कर तेंदुए की गतिविधियों और संभावित ठिकानों का पता लगा रही हैं। तेंदुओं की स्थिति के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए जा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर पिंजरों का स्थान भी बदला जा रहा है।
वर्तमान में बलिया गांव में सात पिंजरे तेंदुओं को पकड़ने के लिए सक्रिय हैं। वहीं ठाकुरद्वारा तहसील के 22 संवेदनशील गांवों में कुल 30 पिंजरे लगाए गए हैं।
कैमरों के जाल से हर गतिविधि पर नजर
तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बलिया और आसपास के गांवों में कैमरों का जाल बढ़ाया गया है। बलिया, बाहपुर, बल्लभगढ़, लालापुर पीपलसाना, पाड़ला और तालमपुर में 20 निगरानी यंत्र लगाए गए हैं।
इनके माध्यम से तेंदुओं की आवाजाही दर्ज करने का प्रयास किया जा रहा है। तेंदुए की स्थिति की जानकारी मिलने पर रेस्क्यू दल उसी आधार पर पिंजरे और निगरानी व्यवस्था में बदलाव कर रहे हैं।
वन्यजीव संरक्षण संस्था की देहरादून टीम को भी विशेष अभियान में बुलाया गया है। यह टीम वन्यजीवों की गतिविधियों और स्थान की निगरानी में वन विभाग की सहायता करेगी। इससे रेस्क्यू अभियान को और प्रभावी बनाने की उम्मीद है।
तेंदुओं के बढ़ते हमलों को लेकर बलिया गांव में बढ़ापुर के विधायक कुंवर सुशांत सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ खुली बैठक हुई। इसमें ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और आशंकाएं अधिकारियों के सामने रखीं।
वन विभाग, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है और तेंदुओं की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
समूह में निकलें, रात में रहें सतर्क
रेस्क्यू दल वाहनों से मुनादी, पर्चे बांटने और ग्रामीणों के साथ बैठक कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। गांव की गलियों में ध्वनि विस्तारक यंत्र लगे वाहनों से लोगों को तेंदुए से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं।
वनकर्मी विद्यालयों में भी पहुंच रहे हैं। बाहपुर, बल्लभगढ़, पीपली अहीर और अन्य विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को तेंदुए से बचाव की जानकारी दी गई।
प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी डाॅ. विनय कुमार सिंह ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि खेत या जंगल की ओर अकेले न जाएं और तीन-चार लोगों के समूह में ही निकलें। चलते समय बातचीत करते रहें और लाठी-डंडे साथ रखें।
रात में तेज रोशनी वाली टॉर्च और लाठी साथ रखें। छोटे बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें तथा मवेशियों को सुरक्षित और बंद बाड़े में रखें। तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास जाने या पीछा करने के बजाय तत्काल वन विभाग और पुलिस को सूचना दें।
एआई से बनी फोटो प्रसारित करने वालों पर होगी कार्रवाई
तेंदुए के वास्तविक हमलों के बीच सामाजिक माध्यमों पर भ्रामक तस्वीरें भी प्रसारित की जा रही हैं। कुछ लोग अर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) से फोटो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। सामान्य तस्वीरों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से तेंदुए की तस्वीर जोड़कर उन्हें वास्तविक बताकर फैलाया जा रहा है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी आशीष प्रताप सिंह ने लोगों से बिना पुष्टि किसी तस्वीर, वीडियो या सूचना को आगे न बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अफवाह और भ्रामक सूचना फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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