अमरोहा (आसिफ अली)। Online Education। ए फॉर अमरोहा के आइआइटियन बिलाल आब्दी ने अपने कश्मीर निवासी दोस्त मोबीन मसूदी के साथ मिलकर मोबाइल फोन के लिए वाइज एप विकसित की है, जो टूजी इंटरनेट पर भी चल सकती है। इस एप को 101 देशों में डाउनलोड किया गया है। कई देशों में इसके सहारे पढ़ाई चल रही है। उप्र, महाराष्ट्र, कश्मीर और मणिपुर में बड़ी संख्या में उन जगहों पर क्लास इस एप से संचालित हो रहींं हैैं, जहां थ्रीजी और फोरजी नेटवर्क नहीं है। दोनों दोस्तों के बारे में 18 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मन की बात में जिक्र करने के साथ ट्विटर हैंडल पर तारीफ कर चुके हैैं।

अमरोहा के मुहल्ला नौगइयां निवासी छात्र बिलाल आब्दी बेंगलुरु में रहते हैं। उनकी सोसायटी में ही कश्मीर निवासी मुंबई आइआइटी में साथ बीटेक करने वालेे दोस्त मोबीन मसूदी भी हैं। कोरोना काल में जब स्कूल चलने में मुश्किल की खबरें आईं तो दोनों के बीच बातचीत हुई कि एक ऐसा एप विकसित किया जाए, जो टूजी नेटवर्क से चल सके। उन्होंने 15 जुलाई से एप पर काम शुरू किया और 12 दिन में ही 'वाइस एपÓ का पहला वर्जन लांच कर दिया।

डाटा मोबाइल की मेमोरी से रहेगा अलग

बिलाल ने बताया कि 2-जी स्पीड पर चलने वाले इस एप की खास बात यह है कि सारा डाटा क्लाउड स्टोरेज यानि मोबाइल की मेमोरी से अलग है। अध्यापक वाट्सएप पर लॉगिन आइडी भेज कर छात्रों को इससे जोड़ सकते हैं। दूसरे मोबाइल पर भेजे गए लिंक पर क्लिक कर वीडियो कॉल के माध्यम से क्लास से जुड़ सकते हैैं। इसमें अलग-अलग सब्जेक्ट के लिंक भी हैं। नए वर्जन में कितना भी होमवर्क छात्र-छात्राओं के लिए दिया जा सकता है। शिक्षक ऑनलाइन ही उसे जांच सकते हैैं।

वीडियो कॉल के लिए किसी एप की जरूरत नहीं

नए वर्जन के बाद वीडियो कॉल के लिए कोई डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। वाइस एप में गो लाइव बटन पर क्लिक करते ही सभी छात्र-छात्राएं अध्यापक के साथ लाइव जुड़ जाएंगे।

बिलाल के बच्चों ने किया सबसे पहले इस्तेमाल

सिर्फ दो सप्ताह में एप तैयार कर दोनों दोस्तों ने इसका प्रयोग भी सबसे पहले कश्मीर में बिलाल के घर किया। उन्होंने 2-जी स्पीड पर इसे चलाया तो बिना किसी बाधा के चला। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी दोनों दोस्तों को बुलाकर इस एप में और सुधारों पर चर्चा की। अभी तक 60 हजार एप डाउनलोड हुए हैैं। लगभग 50 हजार छात्र इससे शिक्षा ले रहे हैैं। अमेरिका, फिलीपींस और बांग्लादेश में भी एप को डाउनलोड किया गया है।

प्रधानमंत्री भी कर चुके हैं तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दोनों दोस्तों की तारीफ की थी। अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, जिसमें आत्मनिर्भर भारत का जिक्र भी किया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ने भी एप तैयार करने पर बधाई दी।