मुरादाबाद, जेएनएन। आयकर विभाग बच्चों के माध्यम से पिता के कारोबार व आय के बारे में जानकारी जुटाएगा। साथ ही छात्रों को आयकर के बारे में जानकारी देगा। बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर आयकर की टीम पिता की वास्तविक आय का आकलन करेगी। 

वित्त मंत्रालय व राजस्व बोर्ड का लगातार दबाव है कि आयकर बढ़ाने के लिए नये आयकर दाता की तलाश की जाए जिससे आयकर की वसूली लक्ष्य से अधिक हो सके। माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में अमीर व्यक्ति अभी भी वास्तविक आय व आय के स्त्रोत की जानकारी का खुलासा नहीं करते हैं। काफी परिवार ऐसे हैं जो बच्चों को काफी महंगे स्कूल में पढ़ाते हैं, लेकिन अपनी आय क्लास थ्री के कर्मचारी के बराबर बताते हैं। आयकर विभाग ने ऐसे व्यक्ति को पकडऩे की योजना बनायी है। आयकर अधिकारी मंहगे स्कूलों में जाएंगे और वहां पढऩे वाले बच्चों से बातचीत करेंगे। बातचीत के दौरान बच्चे के पिता क्या करते हैं, जानकारी करेंगे। साथ ही आयकर देने से होने वाले लाभ की जानकारी बच्चों को देंगे। पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को आयकर भुगतान कराने के लिए बच्चों को प्रेरित करेंगे। 

बच्चों से मिली जानकारी के अनुसार आयकर अधिकारी उसके पिता या अभिभावक की जांच कर आयकर जमा कराने का प्रयास करेंगे। विभाग का मानना है कि जागरूक होने पर बच्चे जब वह बढ़े होंगे तो आयकर चोरी नहीं करेंगे बल्कि आयकर का भुगतान करेंगे। 

आयकर विभाग ने आयकर नहीं देने वालों व कम आयकर देने वालों की जानकारी करने के लिए डिजिटल इंडिया, पैन कार्ड, आधार कार्ड को भी माध्यम बनाया है। संयुक्त आयकर आयुक्त यदुवीर सिंह ने बताया आयकर देने के प्रति स्कूली बच्चों को जागरूक किया जा रहा है जो अभिभावक को आयकर देने के प्रति जागरूक करेंगे। बड़े होने पर आयकर देंगे।

 

Posted By: Narendra Kumar

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