Amroha Sanskarshala 2022 : अमरोहा में मंडी धनौरा के ब्लू बर्ड्स इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक राहुल अग्रवाल का कहना है कि वर्तमान समय में इंटरनेट माध्यम से विश्व का कोना-कोना एक-दूसरे से जुड़ चुका है। आज डिजिटल एवं आनलाइन सुविधा वरदान सिद्ध हो रही है। अगर युवा इसका सही ढंग से प्रयोग करें तो इससे हर देश आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रगति कर सकते हैं। लेकिन यह तभी संभव हो सकता है जब डिजिटल मीडिया का प्रयोग सही कार्यों के लिए किया जाए।

गलत पोस्ट करने वाले पर होनी चाहिए कार्रवाई

डिजिटल एवं आनलाइन सूचनाओं में समाज में बुरा प्रभाव डालने वाली सूचनाओं के आदान-प्रदान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए व कोई इस प्रकार की गलत हरकत करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई भी होनी चाहिए। संस्कार व नैतिक मूल्य हमारी संस्कृति व सभ्यता की पहचान हैं। इसलिए संचार व्यवस्था में संस्कारों व नैतिक मूल्यों से जुड़ी ज्ञानवर्द्धक व नई खोज व जानकारियों का समावेश होना चाहिए।

संस्कारों के साथ होना चाहिए डिजिटल सुविधा का प्रयोग

संस्कारों व नैतिक मूल्यों के बिना मनुष्य पशु के समान है। डिजिटल सुविधा का प्रयोग संस्कारों के साथ किया जाए तो उचित है। इससे हमें व समाज को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। एक समय था जब किसी प्रकार की सूचना को अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए महीनों लग जाते थे, लेकिन अब वह समय नहीं रहा। हम हर प्रकार की सूचना या जानकारी को मात्र कुछ सेकेंड में देश-विदेश तक पहुंचा देते हैं। यह सब तकनीक के कारण ही हो पाया है।

अच्छे संस्कार अच्छी सोच को देते हैं जन्म

आज हमारी युवा पीढ़ी ज्यादा से ज्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल कर रही है। जहां एक तरफ यह पीढ़ी आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ यह अपने संस्कारों व शिष्टाचार को भूल रही है। इसलिए यह अति आवश्यक हो गया है कि इंटरनेट मीडिया को संस्कारों व शिष्टाचार से जोड़ा जाए। अच्छे संस्कार अच्छी सोच को जन्म देते है।

युवा पीढ़ी तो इसी पर निर्भर हो गई है। किसी भी चीज के अच्छे व बुरे परिणाम साथ ही होते हैं। आज इंटरनेट के माध्यम से दुनिया की कोई भी सूचना हम कुछ ही सेकेंड में हासिल कर लेते हैं। कोई भी सूचना प्रेषित करनी हो या किसी दूसरे से सूचना हासिल करनी हो तो क्षण मात्र में ही वह आदान-प्रदान हो जाती है।

इंटरनेट मीडिया के बिना हम आज अधूरे हैं

इंटरनेट मीडिया जैसे फेसबुक, वाट्सएप व अन्य माध्यमों का सदुपयोग करके हम अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकते हैं। आज नए-नए विचारों से हम हर वक्त अवगत हो सकते हैं। यदि हम यह कहें कि आज के युग में हम इसके बिना अधूरे हैं तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

अधिकांश युवा पीढ़ी इस साधन का गलत प्रयोग भी कर रही है, जिससे समाज पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। आज युवा पीढ़ी घर पर अधिकतर समय अपने मोबाइल पर ही व्यस्त रहती है। उनके पास माता-पिता, दादा-दादी व अन्य रिश्तेदारी के साथ बात करने के लिए समय ही नहीं है, जिससे परिवार में लड़ाई-झगड़े व अकेलापन बढ़ रहा है।

Edited By: Samanvay Pandey