मुरादाबाद, (प्रदीप चौरसिया)। Railway Recruitment : रेलवे वर्कशॉप, रेल कारखाना, लोकोशेड, कोच मरम्मत शेड में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) के डिग्री धारकों को छह माह तक आप्रेटिंस कराता है। जिस ट्रेड में पढ़ाई की है, उस ट्रेड में युवाओं को रेलवे पूरी तरह से प्रशिक्षित करता है। साथ ही प्रत्येक माह नौ हजार रुपये की छात्रवृति दी जाती है। वर्ष 2014 के पहले अप्रेंटिस करने वालें युवकों को रेलवे बिना किसी परीक्षा के सीधी भर्ती करता था।

हालांकि इसके बाद सीधी भर्ती पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन, रेलवे अप्रेंटिस आज भी कराता है पर, नौकरी नहीं देता। यही नहीं रेलवे की भर्ती परीक्षा में वरीयता भी नहीं दी जाती है। इसके लिए रेलवे के ट्रेड यूनियन और युवाओं ने आंदोलन किया और फिर से अप्रेंटिस करने वाले युवाओं को नौकरी देने की मांग की। मांग करने में तर्क दिया था कि रेलवे के अप्रेंटिंस करने वाले युवा को रेलवे में किस तरह काम किया जाता है, उसकी जानकारी हो जाती है।

जिससे जिस दिन से नौकरी शुरू करता है, उस दिन से बिना किसी अतिरिक्त प्रशिक्षण के काम शुरू कर देता है और रेलवे को रिक्त पद में भर्ती के लिए लम्बी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता है। पूर्व रेल मंत्री पीयुष गोयल ने ट्रेड यूनियन की मांग को खारिज कर दिया था और ट्रेड यूनियन पर युवाओं को भड़काने का भी आरोप लगाया था।

आखिर में रेलवे बोर्ड ने ट्रेड यूनियन की मांग को मान ली है। रेलवे बोर्ड के उप निदेशक द्वितीय (इंजीयरिंग) ललिता आर मेनन ने 25 अप्रैल को पत्र जारी किया है, जिसमें कहा है कि तकनीकी कर्मियों के रिक्त पदों पर 20 फीसद सीधी अप्रेंटिस को नियुक्त किया जाएगा। 80 फीसद तकनीकी पदों की भर्ती के लिए भर्ती बोर्ड परीक्षा आयोजित भर्ती किया जाएगा। लिखित परीक्षा पास करने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करना होगा। सीधी भर्ती वरीयता के आधार पर की जाएगी।

यह नियम रेलवे के अलावा आइआरसीटीसी, मेट्रो, रेल विकास निगम, रेलटेल व रेलवे के अन्य उपक्रम में भी लागू होगा। नरमू के मंडल मंत्री राजेश चौबे ने बताया कि आल इंडिया रेलमैन फेडरेशन ने देश भर में आंदोलन चला रखा था, आंदोलन के कारण रेलवे बो़र्ड ने अप्रेंटिस की सीधी भर्ती के लिए सीट आरक्षित किया है। इसके बाद रिक्त पदों पर कर्मचारियों की आसानी से तैनाती किया जा सकता है।

Edited By: Samanvay Pandey

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