मुरादाबाद, जेएनएन। मिलावटी पेट्रोल व डीजल भी प्रदूषण फैला रहे हैं। इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए शासन ने जिला पूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में टीम बनाकर चेकिंग के आदेश दिए हैं। मिलावटी पेट्रोल व डीजल बेचने वाले पंपों को सीज करने का आदेश दिया है। 

एनजीटी गंभीर

बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) गंभीर है। एनजीटी के रिपोर्ट के अनुसार  सबसे अधिक प्रदूषण मिलावटी पेट्रोल व डीजल से चलने वाले वाहन से होता है। शासन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि जिला पूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में टीम का गठन करें, जिसमें तेल कंपनी के प्रतिनिधि, बांट-माप निरीक्षक, प्रशासनिक अधिकारी को रखें। जिले के पंपों की जांच करें। पंपों की टैैंक से नमूने लेकर पेट्रोल व डीजल का परीक्षण करें। संदेह होने पर नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दे। जांच की पुष्टि होने पर पंपों की सीज करने की कार्रवाई करें। ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग को आदेश दिया है कि जिस वाहन से धुआं अधिक निकलता पाया जाए, उसे सीज कर दें और उसमें भरे गए पेट्रोल व डीजल का नमूना लेकर जांच कराएं। 

जल्द गठित होगी टीम 

शासन के निर्देश पर शीघ्र टीम गठित की जाएगी। जिले के सभी पंपों पर बिकने वाले डीजल व पेट्रोल की जांच करायी जाएगी। मिलावट मिलने की पुष्टि होते ही पंप सीज कर दिया जाएगा। 

संजीव कुमार 

जिला पूर्ति अधिकारी 

मुरादाबाद 

लगातार कराई जा रही चेकिंग

शासन के निर्देश मिलने के बाद वाहनों की चेकिंग लगातार करायी जा रही है। मानक से अधिक प्रदूषण पाए जाने वाले वाहनों को चालान किया जा रहा है। स्थान के अभाव में वाहनों को सीज नहीं किया जा रहा है। प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने पर 42 वाहनों का चालान किया गया है। 

केके गुप्ता 

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन)

मुरादाबाद 

जिले में 115 पेट्रोल पंप हैं

आइओसी                    52

बीपीसी                       16

एचपीसी                      32

अन्य                          15

 

Posted By: Narendra Kumar

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