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‘माफियाराज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश’ पोस्टर वार से गरमाई यूपी की राजनीति, सपा का भाजपा पर आरोप

Published: Mon, 21 Sep 2026 11:42 AM (IST)Updated: Mon, 21 Sep 2026 11:58 AM (IST)

मुरादाबाद में विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव और सपा के खिलाफ 'माफियाराज' के पोस्टर लगाए गए, जिससे सियासी माहौल ...और पढ़ें

HighLights

  1. मुरादाबाद में अखिलेश यादव के खिलाफ 'माफियाराज' वाले पोस्टर लगाए गए।

  2. सपा ने भाजपा पर पोस्टर वार कराने का गंभीर आरोप लगाया।

  3. सपा नेताओं ने जिलाधिकारी से मिलकर कार्रवाई की मांग की।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच मुरादाबाद में सियासी पोस्टर वार ने सोमवार को माहौल गरमा दिया। रविवार रात शहर की प्रमुख सड़कों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए। यूनिपोल्स पर लगे पोस्टरों पर लिखा था ‘माफियाराज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश।’ सोमवार सुबह राहगीरों की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी तो राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। पोस्टरों में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ आजम खान और अतीक अहमद समेत अन्य नेताओं की तस्वीरें लगाई गई थीं।

कुछ पोस्टरों में माफिया शब्द का इस्तेमाल करते हुए सपा को निशाने पर लिया गया था। प्रदेश के कई शहरों में भी सपा के खिलाफ इसी तरह के पोस्टर सामने आने की रिपोर्ट है।

poster small moradabad

रामपुर रोड पर लगे पोस्टरों को उतरते सपा कार्यकर्ता।

मुरादाबाद में जानकारी मिलते ही सपा नेता मौके पर पहुंचे और कई पोस्टर फाड़ दिए। इसके बाद जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के नेतृत्व में सपा नेताओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की।

माफियाराज और अखिलेश पोस्टर से मुरादाबाद में सियासी संग्राम

जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा नेताओं की ओर से पोस्टर लगवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी हार दिखाई दे रही है, इसलिए वह इस तरह की पोस्टरबाजी कर रही है।

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सपा नेताओं ने पोस्टर फाड़कर जताया विरोध, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

जयवीर यादव ने कहा कि राजनीतिक विरोध का यह तरीका लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। सपा की ओर से मामले की शिकायत पुलिस से भी किए जाने की बात कही गई। उधर, भाजपा नेताओं ने पोस्टर लगवाने के आरोप से इनकार किया है। ऐसे में अब पोस्टर किसने लगवाए। इसे लेकर पुलिस और प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

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