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गाजीपुर में लगे फ्लैक्स तो गरमा गई सियासत, ल‍िखा - 'आजम, अतीक व मुख्तार यही चलाते थे सरकार'

By Shivanand Rai Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 21 Sep 2026 11:15 AM (IST)

गाजीपुर में पूर्व सपा सरकार के दौरान 'गुंडा और माफिया राज' का आरोप लगाते हुए फ्लैक्स लगाए गए हैं, जिनमें ...और पढ़ें

HighLights

  1. गाजीपुर में सपा सरकार के 'गुंडा और माफिया राज' के फ्लैक्स लगे।

  2. फ्लैक्स में अखिलेश यादव, मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद की तस्वीरें शामिल।

  3. सपा ने छवि खराब करने का आरोप लगाया, भाजपा ने सच्चाई बताया।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। शहर में पूर्व सपा सरकार के दौरान गुंडा और माफिया राज को लेकर लगाए गए फ्लैक्स ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इन फ्लैक्स में सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ-साथ मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, मुन्ना बजरंगी, रमाकांत यादव और उमाकांत यादव की तस्वीरें शामिल हैं। इन फ्लैक्स पर यह संदेश दिया गया है कि ये सभी मिलकर सरकार चला रहे थे।

फ्लैक्स शहर के आधा दर्जन स्थानों पर रात के समय लगाए गए हैं, जिनमें विकासभवन, सिंचाई चौराहा, रेलवे स्टेशन और रौजा जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। इस घटना से सपा में आक्रोश फैल गया है और राजनीतिक तनातनी बढ़ गई है।

नगर पालिका परिषद के ठेकेदार यशवंत राय ने बताया कि बिना उनकी अनुमति के यह फ्लैक्स रातों-रात लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग करेंगे।

इस घटना ने गाजीपुर की राजनीति में हलचल मचा दी है। सपा के नेताओं ने इसे उनकी पार्टी की छवि को धूमिल करने की कोशिश बताया है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा मानते हैं।

गाजीपुर में सपा के नेताओं का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और इससे राजनीतिक स्थिरता प्रभावित होती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को सजा दी जाए।

भाजपा के नेताओं ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह सपा की असलियत को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के नेता हमेशा से माफिया और गुंडों के साथ रहे हैं और अब उनकी असलियत सामने आ रही है।

गाजीपुर में राजनीतिक माहौल अब और भी गर्म हो गया है। सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस घटना ने गाजीपुर की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। सभी राजनीतिक दल अब इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने में जुट गए हैं। सपा के नेता जहां इसे राजनीतिक प्रतिशोध मानते हैं, वहीं भाजपा इसे अपनी जीत के रूप में देख रही है।

गाजीपुर में इस तरह की घटनाएँ न केवल राजनीतिक माहौल को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाज में भी तनाव पैदा करती हैं। गाजीपुर में लगे फ्लैक्स ने न केवल सपा के लिए चुनौती पेश की है, बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित किया है। अब देखना यह होगा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दल किस प्रकार की रणनीति अपनाते हैं।

हालांक‍ि इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने इस तरह के पोस्टर लगाने की निंदा की है। कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए और ऐसा करने वालों पर व‍िध‍िक कार्रवाई होनी चाह‍िए।