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PM Awas Yojana 2.0: आवेदन के बाद भी 24,502 लोग कर रहे इंतजार, पहली किश्त मिलने के बाद भी थम रही रफ्तार

Published: Mon, 14 Sep 2026 05:46 PM (IST)

मुरादाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 24,502 आवेदन सत्यापन प्रक्रिया में लंबित हैं, जिससे हजारों परिवारों को ...और पढ़ें

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HighLights

  1. आवेदन से आवास तक पहुंचने की राह में अटकी प्रक्रिया, पहली किश्त के बाद अगली किश्तों की रफ्तार भी सवालों में

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पक्के घर का सपना लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में आवेदन करने वाले हजारों परिवार अब सत्यापन की प्रक्रिया में अटक गए हैं। आवेदन के बाद लाभार्थियों को उम्मीद थी कि दस्तावेजों की जांच पूरी होते ही आवास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन 24,502 आवेदन अभी सत्यापन के स्तर पर लंबित हैं।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आवेदन करने वालों को पक्की छत के लिए अभी और कितना इंतजार करना पड़ेगा। योजना में आवेदन की प्रक्रिया आनलाइन रखी गई है। जिले के 11 नगरीय निकायों से बड़ी संख्या में लोगों ने पक्के मकान की उम्मीद में आवेदन किया।

इनमें पात्रता की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण कड़ी है। यही चरण लंबा खिंचने पर आगे की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। प्रशासन के सामने अब लंबित आवेदनों के निस्तारण की रफ्तार बढ़ाने की चुनौती है।

पीएम आवास योजना के तहत कुछ लाभार्थियों तक आर्थिक सहायता पहुंच चुकी है। पहली किश्त जारी होने के बाद दूसरी और तीसरी किश्त पाने वालों की संख्या लगातार कम हुई है।

इससे योजना में आवेदन से लेकर वास्तविक निर्माण की प्रगति के बीच अंतर साफ नजर आता है हालांकि उपलब्ध विवरण से यह नहीं कहा जा सकता कि किश्त न मिलने का कारण केवल सत्यापन में देरी ही है।

ऐसे में विभाग को यह स्पष्ट करना होगा कि पहली किश्त पाने वाले कितने लाभार्थी अगली किश्त की प्रक्रिया में हैं और उनके निर्माण की स्थिति क्या है। सबसे बड़ा सवाल लंबित आवेदनों को लेकर है।

सत्यापन में अटके आवेदनों में कितने पात्र हैं, कितने अपात्र पाए जाएंगे और कितनों को आगे की स्वीकृति मिलेगी, इसका जवाब प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। लेकिन तब तक आवेदकों के सामने इंतजार ही है। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद शहरी परिवारों को पक्के घर की सुविधा देना है।

ऐसे में आवेदन से सत्यापन और फिर स्वीकृति व किश्त तक हर चरण की समयबद्ध निगरानी जरूरी है। अब देखना होगा कि लंबित आवेदनों की जांच कब तक पूरी होती है और आवास का इंतजार कर रहे परिवारों को राहत कब मिलती है।

परियोजना निदेशक, डीआरडीए स्वेतांक पांडेय का कहना है कि आवेदनों की जांच प्रक्रिया चल रही है। जिन अधिकारियों के पास आवेदन लंबित हैं, उनसे पत्राचार किया जा रहा है। जल्द ही नए पीएम आवास के लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करेंगे।

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