मुरादाबाद। सरकार की कोशिश है कि हर जिले में एक गांव डिजिटल बने। यह योजना परवान चढ़ी तो लोगों को डिजिटल गांव तरक्की की राह दिखाएगा। अब हर जिले के एक गांव को डिजिटल बनाने की तैयारी है। यहां लेन-देन नकद नहीं होगा, बल्कि मामूली रुपये का भुगतान भी ई बैंकिंग से होगा। सरकार ने बीएसएनएल को गांव में ब्राड बैंड, थ्री जी, फोर जी, वाई-फाई जैसी आधुनिक सिस्टम लगाने का आदेश दिया है। हालांकि सरकार की योजना को 31 मार्च तक पूरा करना है, लेकिन अभी इसमें समय लग सकता है।

ओएफसी पहुंचाने का काम बीएसएनएल करेगा

केंद्र सरकार ने गांव तक हाई स्पीड ब्राड बैंड सेवा देने के लिए नेशनल आप्टिकल फाइबर नेटवर्क (नोफन) का गठन किया है। इसके तहत प्रत्येक गांव में हाई स्पीड ब्राडबैंड के लिए ओएफसी पहुंचाने का काम बीएसएनएल को करना है। जहां-जहां ओएफसी पहुंचेगी, वहां कम्प्यूटर आदि लगाने का काम भारत ब्राड बैंड निगम लिमिटेड (बीबीएनएल) को दिया गया है। राज्य सरकार को सिर्फ जगह देने के साथ ही कम्प्यूटर चलाने के लिए कर्मचारी को तैनात करना होगा।

क्या है योजना

सरकार की प्रत्येक जिले के एक गांव को डिजिटल बनाने की योजना है। इस गांव में हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा हर व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाना है। इससे गांव का कोई भी व्यक्ति घर बैठे मोबाइल, कम्प्यूटर व लैपटाप के जरिए विश्व के किसी कोने से सम्पर्क कर सकता है। जमीन के संबंधित कागज निकालने के साथ ही कोई भी नौकरी के लिए आवेदन दे सकता है। छात्र आनलाइन पढ़ाई के साथ ही नकद रुपये के स्थान पर ई रुपये या ई बैकिंग से लेन-देन कर सकें।

बीस गांवों में हाई स्पीड की सुविधा

डिजिटल गांव बनाने के लिए बीएसएनएल ने 20 गांव में हाई स्पीड ब्राड बैंड, हॉट-स्पॉट, थ्री जी का टावर लगा दिया है। यहां राज्य सरकार व बीबीएनएल को ब्राड बैंड संचालित करने के लिए सीएससी खोला जाना है। सरकार जिस गांव को डिजिटल गांव घोषित करेंगे, उस गांव में जिस क्षेत्र में कमजोर नेटवर्क उपलब्ध होगा, वहां वाई-फाई लगा दिया जाएगा। संजय प्रसाद बीएसएनएल महाप्रबंधक

Posted By: Rashid

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