मुरादाबाद, जेएनएन। Gol-Maal in Paddy Purchase in Moradabad : वर्ष 2020-21 में धान खरीद में हेराफेरी होने के कई प्रमाण मिले हैं। सरकार 72 घंटे में किसानों के धान का भुगतान कराने का दावा कर रही है। लेकिन, खरीद करने वाली एजेंसियों ने अभी तक पिछले साल के 92 किसानों के 70 लाख रुपये बकाया भुगतान ही नहीं किया है। दैनिक जागरण ने इस खबर को प्रमुखता से प्रसारित किया तो अफसरों में खलबली मची हुई है। मुख्तियारपुर नवादा गांव के किसान राजपाल सिंह के धान का एक साल से भुगतान नहीं हो रहा था। शनिवार को उसके पुराने धान को वर्तमान में नया खरीदा हुआ दिखाकर भुगतान दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

दैनिक जागरण के पास पीड़ित सभी किसानों की सूची है, जिनका एक साल में भी धान के मूल्य का भुगतान नहीं हुआ है। दर्द झेल रहे किसान के माध्यम से ही यह सूची मिल सकी है। किसान का कहना है कि केंद्र प्रभारी भुगतान की जिद करने पर धान की तौल होने से ही इन्कार करने लगा था। इस बीच किसी तरह उन्हें केंद्र प्रभारी का रजिस्टर मिल गया। किसान ने अपने से रजिस्टर का फोटो करके बतौर सुबूत अपने पास रख लिया। शिकायत के साथ किसानों के रजिस्टर को लगाकर भेजा तो अफसरों में खलबली मच गई। आला अधिकारियों ने शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।

12 किसान ऐसे हैं, जिनका अधिकारियों ने 1400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान करके लिखवा लिया है कि उनके धान वापस मिल गए हैं। विकास खंड छजलैट के मुख्तियारपुर नवादा गांव किसान राजपाल सिंह की तरह ही अन्य किसानों के धान पुराने धान को नया दिखाकर भुगतान कराने की कोशिश हो रही है। लेकिन, अभी तक सभी किसानों को इंसाफ नहीं मिल सका है। यह प्रमुख किसान हैं, जिनके धान रायपुर खुर्द क्रय केंद्र पर खरीदा था। लेकिन, धान के मूल्य का अभी तक भुगतान नहीं हो सका है।

किसान धान (क्विंटल)

राजवती 8.80

लीलाराज 26.00

मुशाहिद 30.00

नजमा खातून 88.40

वीर सिंह 76.00

अंकित कुमार 52.00

दिग्विजय सिंह 58.00

राजेश कुमार 50.00

जयपाल सिंह 94.00

राजपाल सिंह 81.60

सुनील कुमार 93.60

ओमपाल सिंह 76.00

यादराम सिंह 59.00

नरेश कुमार 86.40

डिप्टी आरएमओ ने पीड़ित किसानों की सूची मांगी

दैनिक जागरण में किसानों का दर्द प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने राजेश्वर प्रताप सिंह ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक से उन किसानों की सूची मांगी है, जिनका पिछले साल धान खरीदने के बाद अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। जिला प्रबंधक ने अभी तक सूची नहीं दी है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी का कहना है कि किसानों की सूची मिलने के बाद वह इस मामले को आला अधिकारियों के सामने रखेंगे। इसके बाद ही किसानों के भुगतान को लेकर कुछ फैसला होगा।

जीएम ने स्वीकार धान खरीदा गया पीसीएस ने वर्ष 2020-21 में आनलाइन जितना धान खरीदा था, उतने का भुगतान हो गया है। कुछ किसानों का धान खरीदने के बाद आनलाइन फीडिंग नहीं हो सकी है। यह केंद्र प्रभारी और मिलों के बीच का मामला है। केंद्र प्रभारी अपनी गलती स्वीकार रहा है। उसने कुछ किसानों से बातचीत करके मसला निपटाया है। अब धान खरीद का नया सीजन शुरू हुआ है, कुछ किसानों की समस्या का अब समाधान कराने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही यह मामला निपटा लिया जाएगा। राजेश्वर कुशवाहा, महाप्रबंधक, पीसीएफ

Edited By: Ravi Mishra