मुरादाबाद, जेएनएन। जैविक खेती किसानों को आग बढ़ने की राह दिखा रही है। किसान इस खेती के जरिए डेढ़ गुना आमदनी तक कर लेते हैं। युवा और महिलाएं भी खेती करने में आगे आ रही हैं।

किसानों का कहना है कि कृषि उत्पादन मंडी समिति में उनके उत्पाद बेचने के लिए अभी अस्थायी बाजार है। स्थायी बाजार उपलब्ध होना चाहिए। इससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने में दिक्कत नहीं होगी। विकास खंड, छजलैट के बैरमपुर गांव के किसान हरवंश सिंह का कहना है कि वह 15 साल से जैविक खेती करते हैं। तमाम लोग उन्हें इसी तरह की खेती के लिए पहचानने भी लगे है। इन दिनों उसने स्ट्रावेरी और गन्ना की जैविक तरीके से खेती कर रखी है। सब्जी की खेती भी करते हैं। उनका उत्पाद घर से भी बिकता है। अमरोहा के बीमड़ा खुद गांव के रहने वाले विमल चौहान ने बताया कि वह खेती में कोई रसायन खाद का प्रयोग नहीं करते हैं। इन दिनों गन्ना की फसल करके गुड़ बनाया है। कोई मसाला हमने गुड़ में नहीं लगाया है। अमरोहा में नहीं बिकता है तो मुरादाबाद कृषि उत्पादन मंडी समिति ले आता हूं। आमदनी सामान्य फसलों के बजाए डेढ़ गुना तक हो रही है। रामपुर के रायपुर मजरा गांव के रहने वाले किसान अतर सिंह ने बताया कि तीन साल से जैविक खेती करता हूं। रामपुर में घर-घर जाकर जैविक उत्पाद बेच देता हूं। वहां नहीं बिकता है तो मुरादाबाद लाकर बेच देता हूं। 

Edited By: Narendra Kumar