मुरादाबाद, जेएनएन। मुरादाबाद के स्मार्ट सिटी बनने का सपना अभी तक सपना ही बना हुआ है। दिन प्रतिदिन इसके सामने नई चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। अब स्मार्ट सिटी की राह में टेक्निकल रिपोर्ट रोड़ा बन गई है। क्योंकि रिपोर्ट में लगातार खामियां मिल रही हैं। शासन स्तर से एक बार फिर आपत्ति लगा दी गई है। आपत्ति के चलते ही डीपीआर स्वीकार नहीं की गई है। ऐसे में कमिश्नर यशवंत राव ने नगर आयुक्त संजय चौहान से रिपोर्ट तलब की है।

26 नवंबर को दोबारा भेजी गई थी रिपोर्ट

शासन में भेजी गई साढ़े तीन सौ करोड़ के दो प्रोजेक्ट में स्टेट टेक्निकल एपे्रेजल कमेटी ने 24 नवंबर को तकनीकी आपत्ति लगाकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट को सुधार के लिए वापस भेज दिया था। प्रोजेक्ट वापस आने के बाद नगर आयुक्त संजय चौहान ने पीसीसी रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की बैठक बुलाई थी, जिसमें खामियों पर चर्चा हुई थी। लापरवाही पर टीम के सुपरवाइजर को फटकार भी लगी। 26 नवंबर को दोबारा टेक्निकल रिपोर्ट भेजी गई, लेकिन, उसमें भी शासन स्तर से आपत्ति लगा दी गई। ऐसे में जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते स्मार्ट सिटी के तहत सात सौ करोड़ की लागत से होने वाले कार्यों में रोड़ा अटका हुआ है। जिम्मेदार अफसर जनवरी से स्मार्ट सिटी का कार्य शुरू होने का दावा कर रहे थे। 

टेक्निकल रिपोर्ट में आपत्ति लगाई गई है। इस पर नगर आयुक्त से जवाब मांगा गया है। सुधार कराकर जल्द ही दोबारा रिपोर्ट भेजी जाएगी।

-यशवंत राव, कमिश्नर।

Posted By: Narendra Kumar

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