जागरण संवाददाता, मुरादाबाद : परिजनों से खफा होकर घर छोडऩे वाली बिजनौर की किशोरी ने पहले मोबाइल पर प्रेमी से बात की फिर घर लौटने को राजी हुई। इससे पहले पिता उसे मनाने की कोशिश करते रहे लेकिन, वह नहीं मानी। बिजनौर की किशोरी को बाल कल्याण समिति ने पिता के सुपुर्द कर दिया। बाल कल्याण समिति की महिला सदस्य नीतू सक्सेना ने बताया कि गुरुवार को इम्पीरियल तिराहे पर लावारिस हाल में मिली किशोरी को शुक्रवार को सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया। न्याय पीठ के समक्ष उपस्थित किशोरी के पिता ने नाबालिग बेटी को सुपुर्द करने की गुहार लगाई। पूछताछ में पता चला कि इंटरमीडिएट पास किशोरी मां की डांट से खफा थी। घास काटने के बहाने दरांती लेकर वह घर से निकली। इसके बाद बिजनौर से मुरादाबाद चली आई। उधर, किशोरी के मुरादाबाद में होने की भनक लगते ही उसके पिता बिजनौर से रवाना हो गए। पिता के साथ घर लौटने से पहले किशोरी अपने प्रेमी से बात करने पर आमादा थी। किशोरी की बात उसके प्रेमी से कराई गई। तब वह अपने पिता के साथ घर लौटने पर राजी हुई।

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