जागरण संवाददाता, मुरादाबाद : अब दूर-दराज के गांवों के लोग भी जल्द ही हाईस्पीड इंटरनेट का प्रयोग कर सकेंगे। जिले में आठ स्थानों पर टावर लगाए जा चुके हैं, जबकि 28 अन्य जगहों पर टावर लगाने का काम चल रहा है। इसकी न्यूनतम गति 16 मेगा बाइट प्रति सेकेंड (एमबीपीएस) होगी।

महानगर के कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां टेलीफोन की केबल और आप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) नहीं पहुंची है। इन क्षेत्रों के लोगों को हाईस्पीड ब्राडबैंड का कनेक्शन नहीं मिल पाता है। ऐसे हालात में उपभोक्ता मोबाइल नेटवर्क का प्रयोग करते हैं। कई तहसील मुख्यालय पर भी ब्राडबैंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। गांव के लोगों को टू जी नेटवर्क से ही काम चलाना पड़ता है। दूर दराज के गांवों में तो मोबाइल का भी सिग्नल नहीं मिलता है। बीएसएनएल ऐसे उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जल्द ही वायरलेस ब्राडबैंड सेवा शुरू करने जा रहा है। इसकी न्यूनतम गति 16 एमबीपीएस होगी। यानी एक कनेक्शन पर बिना रुकावट के 16 लोग हाई स्पीड इंटरनेट का प्रयोग कर सकेंगे। स्थापित टावर के चार किलोमीटर के दायरे तक ब्राडबैंड के कनेक्शन दिए जा सकते हैं। बीएसएनएल ने इसका किराया लैंडलाइन पर उपलब्ध ब्राडबैंड के किराए के बराबर रखा है। उपभोक्ता को मॉडम के स्थान पर तीन हजार रुपये में सिस्टम खरीदना होगा। यह सिस्टम बीएसएनएल आसान किस्तों में उपलब्ध कराएगा।

प्रधान महाप्रबंधक राम शब्द यादव ने बताया कि वायरलेस ब्राडबैंड के लिए अभी तक आठ टावर स्थापित किए जा चुके हैं। इनका ट्रायल भी किया जा रहा है। दिसंबर तक 28 अन्य टावर भी लगाने का लक्ष्य है। दिसंबर से ही वायरलेस ब्राडबैंड के कनेक्शन भी उपभोक्ताओं को मिलने शुरू हो जाएंगे।

Posted By: Jagran

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