रामपुर, जेएनएन। आखिरकार चीन के वुहान शहर में फंसे भारतीयों को सरकार सकुशल वापस ले आई। गुरुवार सुबह सभी भारतीयों को दिल्ली लाया गया। इनमें मूलत: रामपुर की रहने वाली नेहा और उनके पति प्रोफेसर आशीष यादव भी शामिल हैं। उनके वतन वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है। हालांकि अभी दंपती को घर नहीं जाने दिया गया है। पहले सभी भारतीयों को कुछ दिन तक चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा और उनके जरूरी टेस्ट किए जाएंगे। किसी तरह का संक्रमण न होने पर ही उन्हें परिवार के पास जाने दिया जाएगा। 

एटा में है नेहा की ससुराल

सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के शिवापुरम कालोनी निवासी शैतान सिंह यादव की बेटी नेहा की ससुराल एटा के जलेसर में है। उनके पति आशीष यादव चीन के वुहान में टेक्सटाइल यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। नेहा वुहान में पति के साथ रहती हैं। वुहान में कोरोना वायरस के चलते दोनों वहां घर में कैद होकर रह गए थे। दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश वापसी के लिए सरकार से गुहार लगाई थी। इसके बाद उनका परिवार लगातार सरकार और जनप्रतिनिधियों से मदद मांग रहा था। एटा के सांसद ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दोनों को वहां से सकुशल वापस लाने की मांग की थी। 

गुरुवार को भारतीयों को लेकर लौटा विमान

मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार ने वुहान में फंसे भारतीयों को वापस लाने और चीन को चिकित्सा सामग्री पहुंचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे। सरकार की यह कोशिश गुरुवार को रंग लाई। विमान द्वारा वुहान में फंसे दंपती समेत अन्य भारतीयों व दूसरे देशों के लोगों को दिल्ली लाया गया। इन लोगों में मूल रूप से रामपुर की रहने वाली नेहा और उनके पति आशीष भी हैं। नेहा का परिवार अब रामपुर में नहीं रहता है। हालांकि यहां उनके पिता का मकान अब भी है, जिसे किराये पर दे रखा है। नेहा के भाई हरि यादव ने फोन पर बताया कि दीदी और जीजा दिल्ली आ गए हैं। कुछ दिन तक उन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखने के बाद घर जाने की इजाजत मिल जाएगी और वो घर आ जाएंगे। 

Posted By: Narendra Kumar

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