अमरोहा (अनिल अवस्थी)। सियासी लाभ के लिए कुछ लोग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मुस्लिमों को भड़का रहे हैैं। इसके जरिये वह अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं मगर, किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। देश भर की दो हजार मुस्लिम बस्तियों में कार्यक्रम आयोजित कर सीएए की हकीकत बताई जाएगी। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मौलाना कौकब मुस्तबा ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में अपनी कार्ययोजना साझा की।

मुद्दे पर खुलकर रखी थी बात 

अमरोहा के नौगावां सादात कस्बा निवासी शिया धर्मगुरु मौलाना कौकब 16 जनवरी को दिल्ली के कांस्टीट््यूशन क्लब में आयोजित धर्मगुरुओं की सभा में भी इस मुद्दे पर खुलकर बोले थे। उन्होंने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून से देश के मुस्लिम नागरिकों के हितों पर किसी तरह की आंच नहीं आनी है। इसके बावजूद उसका विरोध प्रदर्शन हैरत में डाल रहा है। कहा कि इसके पीछे कुछ सियासी दलों की सोची-समझी साजिश काम कर रही है। अपनी गलत नीतियों के चलते हाशिए पर आ चुके सियासी दल अब इस मुद्दे पर मुस्लिमों को बरगला रहे हैं। इसके जरिये वह इस समुदाय के वोटों की फसल काटना चाहते हैं। कहा कि जब सीएए नागरिकता छीनने के बजाय नागरिकता देने का कानून है तो इसका विरोध भी बेमानी है। इसी हकीकत से मुस्लिमों को रूबरू कराने के लिए दो हजार सभाएं आयोजित करने का फैसला किया गया है। बताया कि हर जिले में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के सक्रिय सदस्य हैं। 20-25 सदस्यों की टोली मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में सभाएं कर सीएए की सटीक जानकारी देगी। शंकाओं का समाधान किया जाएगा। 

इन जगहों पर सभाओं का आयोजन 

मध्य प्रदेश के ग्वालियर व कश्मीर के कुछ इलाकों में सभाओं का आयोजन शुरू करा दिया गया है। बड़ी सभाओं में वह खुद मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार के साथ शिरकत करेंगे। कहा कि सीएए का सच सामने आने के बाद मुस्लिम इस कानून का हरगिज विरोध नहीं करेंगे।

 

Posted By: Narendra Kumar

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