मुरादाबाद : मुहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय शोक में डूब गया। अजाखानों पर गम के प्रतीक काले अलम लगा दिए गए। अजाखानों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया। इनमें कर्बला के शहीदों का जिक्र किया गया। इसे सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गईं। उधर अमरोहा के नौगावां सादात में भी मुहर्रम का चांद नजर आते ही शिया समुदाय शोक में डूब गया। यहां बुधवार को पहला मातमी जुलूस बरामद होगा। शहर इमाम ने की पुष्टि

मंगलवार को शिया शहर इमाम डॉ. मोहम्मद सियादत नकवी ने चांद की पुष्टि की। बुधवार को मुहर्रम की पहली तारीख होगी। चांद नजर आते ही शहर के अजाखानों में मजलिस का सिलसिला शुरू हो गया। कहीं मरसिया तो कहीं मातमी बाजा व नौबत बजाने का सिलसिला शुरू हुआ। तमाम अजाखानों पर गम के प्रतीक काले अलम लगा दिये गये। पहली मातमी जुलूस 14 को

अंजुमन तहफ्फुजे अजादारी के जनरल सेक्रेट्री सैयद जिला एजाज नकवी ने बताया कि मुहर्रम का पहला मातमी जुलूस 14 सितम्बर को बरोज जुमा को मुहल्ला पचदरा स्थित अजाखाना वलिया से बरामद होगा। जुलूस के लिये सभी इमामबाड़ों में तैयारियां मुकम्मल हो गई हैं। हजरत इमाम हुसैन का गम मनाने के लिये दुनिया भर से शिया समुदाय के लोग अमरोहा पहुंचने लगे हैं। चांद दिखाई देने के बाद से ही सभी अजाखानों में सुबह शाम मजलिसों का दौर शुरू हो चुका है। काले अलम लगा दिए गए

नौगावां सादात में भी मुहर्रम का चांद नजर आते ही शिया समुदाय शोक में डूब गया। वहां भी अजाखानों पर काले अलम लगा दिए गए थे। मजलिसों का आयोजन किया गया। बुधवार को कस्बे में मुहर्रम का पहला मातमी जुलूस निकाला जाएगा। मातमी जुलूस की तैयारियों को दिया अंतिम रूप

अंजुमन तहफ्फुजे अजादारी ने मुहर्रम के जुलूसों के तमाम तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। शुक्रवार यानि तीन मुहर्रम को शहर में पहला मातमी जुलूस बरामद होगा। इसके बाद गमे हुसैन में जुलूस का सिलसिला दस मुहर्रम तक चलेगा। तैयारियों पर की गई चर्चा

पुरानी रिवायत के मुताबिक नगर के मुहल्ला गुजरी स्थित अजाखाना अलमदार अली खां में अंजुमन तहफ्फुजे अजादारी की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें मुहर्रम के जुलूसों की तैयारियों पर चर्चा कर अंतिम रूप दिया। अध्यक्ष हसन शुजा नकवी ने बताया कि मातमी जुलूस परंपरागत तरीके से बरामद होंगे। जुलूसों को लेकर तमाम तैयारियां मुकम्मल कर ली गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने दिया सहयोग का आश्वासन

उन्होंने बताया कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने जुलूसों के मद्देनजर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। नगर पालिका की ओर से भी साफ-सफाई व कीटनाशक छिड़काव के अलावा पथ प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जुलूस रूट व अजाखानों के आसपास एलइडी लाइट लगाने का कार्य किया जा रहा है। जो, एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। सभासदों ने भी पूर्ण सहयोग का वादा किया है। उन्होंने बताया कि तीन मुहर्रम शुक्रवार को पहला मातमी जुलूस मुहल्ला पचदरा स्थित अजाखाना वलिया से बरामद होगा। जलसा-ए-आम में लियाकत अमरोहवी, जिया एजाज नकवी, डॉ.सईद उल हसन, युसूफ नकवी, शरफ अली खां, अमजद कमाल, मोहम्मद फर्रूख, सईद परवेज, वकार उल हसनैन खां, अख्तर अब्बास अप्पू, हसन इमाम, डॉ.चंदन नकवी, ताहिर अब्बास, मौलाना रजा अली रजन, गुफरान मेहंदी, आदिल जफर खां, आलिम रजा तकवी, शमीम नजर, रिजवान अली, मिक्की नकवी, नवैद असगर, एजाज अली मौजूद थे। मुहर्रम का जुलूस निहित स्थानों से ही निकालें ताजियेदार

पुलिस क्षेत्राधिकारी मोनिका यादव ने कहा मुहर्रम का जुलूस निर्धारित मार्गों से ही निकाला जाए । नई परम्परा की शुरूआत से परहेज करें। वह मुहर्रम को लेकर थाने में आयोजित अमन कमेटी की बैठक को संबोधित कर रही थीं। भाईचारे के बीच निकलेगा जुलूस

शहर में हर वर्ष भाईचारे के माहौल के बीच मुहर्रम का जुलूस निकाला जाता है। इस बार भी जुलूस विगत वर्षों की भांति निहित स्थानों से ही निकाला जाए। नई परंपरा की शुरुआत से बचने की ताकीद की। वहीं ताजियेदारों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया व जुलूस के दौरान हादसों को रोकने के लिए विद्युतापूर्ति बंद किए जाने की मांग की। इस संबंध में बिजली विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए। थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार को मुहर्रम पर स्थानों को चिह्नित कर पुलिस पिकेट तैनाती के निर्देश दिए। इस मौके पर सनान आफंदी, पूर्व पालिकाध्यक्ष अफसर अली वारसी, शब्बीर खलीफा, मोहम्मद माजिद, आबिद मेम्बर, फहीम सिद्दीकी, आरिफ चौधरी आदि मौजूद थे।

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