रामपुर, जेएनएन। आचार संहिता के एक मुकदमे में सांसद आजम खां को अदालत से राहत मिल गई है। अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। हालांकि दो जमानत प्रार्थना पत्रों पर अभी फैसला नहीं हो सका है। इन दोनों पर अब छह जून को सुनवाई होगी। इससे पहले यतीमखाना प्रकरण के एक मुकदमे में भी जमानत मंजूर हुई थी। सांसद धोखाधड़ी के मुकदमे में इन दिनों सीतापुर जेल में पत्नी विधायक तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला के साथ बंद है।

तीनों ने किया था आत्मसमर्पण 

26 फरवरी को इन तीनों ने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद से तीनों रिहाई के लिए जमानत प्रार्थना पत्र लगाए थे। इनमें एक मामला आचार संहिता के उल्लंघन का है, जो लोकसभा चुनाव के दौरान टांडा थाने में दर्ज हुआ था। शासन और प्रशासन के बारे में आपत्तिजनक बात कही थी। जुल्म करने का आरोप लगाया ता। 

यतीमखाना प्रकरण में फसाहत शानू को नहीं मिली जमानत

यतीमखाना प्रकरण के एक मामले में सांसद आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू को अग्रिम जमानत नहीं मिली। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना ने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद शानू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। शानू की ओर से इसी मामले में एक और अग्रिम जमानत याचिका लगाई है। यतीम खाना प्रकरण में जेल में बंद सपा नेता वीरेंद्र गोयल को दो मामलों में जमानत मिल गई है। 

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