यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जिरह को नहीं पहुंचे सांसद आजम खां के अधिवक्ता, प्रार्थना पत्र खारिज, कोर्ट ने तीसरे गवाह को किया तलब
Ajam Khan News सांसद पर आरोप है कि उन्होंने कम उम्र में अपने बेटे को चुनाव लड़वाया। जन्म प्रमाण पत्र ...और पढ़ें

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Ajam Khan News : रामपुर सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाण और दो पासपोर्ट मामले मेें सुनवाई के लिए गुरुवार को उनके अधिवक्ता कोर्ट नहीं पहुंचे। उनकी ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए दूसरे गवाह से जिरह का अवसर समाप्त करने के आदेश कर दिए। अब मुकदमे में तीसरे गवाह को तलब किया गया है।
सांसद पर आरोप है कि उन्होंने कम उम्र में अपने बेटे को चुनाव लड़वाया। जन्म प्रमाण पत्र भी फर्जी बनावाया। बाद में पैन कार्ड और पासपोर्ट में भी जन्मतिथि बदलवा दी। इस तरह बेटे के अलग-अलग जन्मतिथि के दो जन्म प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट और दो पैनकार्ड बनवा लिए। इनमें जन्म प्रमाण पत्र मामले में सांसद के अलावा उनकी पत्नी और बेटा आरोपित हैं, जबकि पैन कार्ड मामले में सांसद और उनका बेटा आरोपित है। इसके अलावा पासपोर्ट के मुकदमे में अकेले अब्दुल्ला आराेपित हैं। इन तीनों मुकदमों की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है। इन मुकदमों में भाजपा नेता आकाश सक्सेना की पहली गवाही हुई थी। उनके द्वारा ही तीनों मुकदमे दर्ज कराए गए थे। दूसरी गवाही सेंटपाल स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज पाठक की हो चुकी है। हालांकि अभी उनसे सांसद के अधिवक्ता द्वारा जिरह नहीं की गई थी। जिरह के लिए कई तारीखें पड़ चुकी थीं। पहले सांसद के अधिवक्ता ने तीनों मुकदमे निचली अदालत में चलाए जाने की याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद बुधवार को सुनवाई के दौरान सांसद के अधिवक्ता ने स्थगन प्रार्थना पत्र देकर समय की मांग की थी। तब कोर्ट ने समय देने से स्पष्ट मना करते हुए गुरुवार को जिरह का अंतिम अवसर दिया था। गुरुवार को गवाह जिरह के लिए कोर्ट पहुंचे, लेकिन सांसद के अधिवक्ता जिरह के लिए नहीं आए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य ने बताया कि सांसद के अधिवक्ता कोर्ट नहीं पहुंचे। उन्होंने समय बढ़ाने के लिए एक प्रार्थना पत्र भिजवाया, जिसे एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश आलोक दुबे ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट मामले में दूसरे गवाह से जिरह का अंतिम अवसर समाप्त कर दिया है। अब जन्म प्रमाण पत्र मामले में तीसरे गवाह उप रजिस्टार तेजपाल वर्मा को पहली नवंबर को तलब किया है, जबकि पासपोर्ट मामले में तीसरे गवाह कांस्टेबल अखिलेश कुमार को तीन नवंबर को तलब किया है।
