मुरादाबाद,जासं : कुंदरकी थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक मां ने गन्ने के खेत में प्रसव के बाद अपने ही दिल के टुकड़े को तड़पता छोड़ दिया। इसके अहसास मात्र से ग्रामीणों का कलेजा कांप उठा। ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से नवजात को एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट (एएचटीयू) के सुपुर्द कर दिया। जन्म लेते ही मौत से मुकाबिल बिटिया जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराई गई है।

कुंदरकी थाना क्षेत्र में मुरादाबाद- चन्दौसी हाईवे के किनारे हुसैनपुर हमीर गांव है। वहां के रहने वाले चौधरी राजवीर सिंह के खेत में इस वक्त गन्ने की ़फसल खड़ी है। मंगलवार की सुबह कुछ महिलाएं चारा काटने खेत की ओर गई थीं। राजवीर सिंह के खेत के पास पहुंचते ही नवजात के रोने की आवाज उनके पैर ठिठक गए। आगे बढ़ने पर महिलाओं की नजर उस नवजात पर गई, जो गन्ने के पत्तों पर खून से लथपथ पड़ी थी। हालात भांपते महिलाओं को देर नहीं लगी। वे समझ गईं कि गन्ने के खेत में प्रसव बाद कोई पत्थर दिल मां अपनी ही ममता से मुंह फेर कर चली गई है। महिलाओं ने बच्ची को गले लगाया। खेत से उठाकर बिटिया बाहर ले आई। ग्रामीणों की सूचना पर थाना प्रभारी संदीप कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। नवजात को कब्जे में लेकर पुलिस ने सीएचसी में भर्ती कराया। लावारिस नवजात की बरामदगी की सूचना एएचटीयू मुरादाबाद को दी गई। बाल समाज कल्याण समिति की महिला सदस्य नीतू सक्सेना, चाइल्ड लाइन की समन्वयक श्रद्धा शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंची। कुंदरकी पुलिस की मदद से बच्ची कब्जे में ली गई। इसके बाद बच्ची को मुरादाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के मुताबिक नवजात की हालत फिलहाल सामान्य है। हालांकि घटना स्थल व उसके आसपास के गांवों में गन्ने के खेत में लावारिस नवजात मिलने की चर्चाएं सुर्खियों में हैं। घटना को लेकर कयासों का बाजार गरम है।

--------------

बच्ची पालने के लिए बढ़े हाथ

गन्ने के खेत में नवजात मिलने की खबर हर तरफ फैल गई। देखते ही देखते घटना स्थल, कुंदरकी थाना व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ऐसे लोगों की भीड़ बढ़ने लगी, जो बच्ची की परवरिश करना चाहते थे। पुलिस ने सभी को समझाया कि कानून के तहत ही बच्ची किसी को सौंपी जा सकेगी।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस