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'भैया, मैं अपने आप से परेशान हूं...' मुरादाबाद में पैरामेडिकल छात्र ने मैसेज भेजकर लगाई फांसी

Published: Wed, 02 Sep 2026 06:08 PM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2026 08:33 PM (IST)

मुरादाबाद के रामगंगा विहार में सीएल गुप्ता नेत्र संस्थान के द्वितीय वर्ष के छात्र आशुतोष शुक्ला ने फांसी लगाकर आत्महत्या ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज है।

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HighLights

  1. मैसेज के अलावा छात्र ने दो पेज का सुसाइड नोट भी लिखा

  2. खुदकुशी करने से पहले पिता से मंगवाए थे दस हजार रुपये

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। रामगंगा विहार में किराये के कमरे पर रहने वाले हरदोई निवासी छात्र आशुतोष शुक्ला ने फंदे पर लटककर खुदकुशी कर ली। युवक ने खुदकुशी करने से पहले अपने बड़े भाई आकाश को वाट्सएप पर मैसेज में लिखा... भैया मैं अपने आप से परेशान हूं, इसलिए जान दे रहा हूं। भाई ने मैसेज देख फोन किया लेकिन तब तक आशुतोष फंदे पर लटक गया था।

भाई को मैसेज के साथ ही दो पेज का सुसाइड नोट भी लिखा। जिसमें वह अपनी मां और भाई से माफी मांग रहा है। साथ ही भाई और मां का ध्यान रखने की बात भी लिखी है। छात्र ने खुदकुशी करने से पहले अपने पिता से दस हजार रुपये आनलाइन मंगवाए थे।

हरदोई जिले के शाहबाद निवासी आशुतोष शुक्ला रामगंगा विहार स्थित सीएल गुप्ता नेत्र संस्थान में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र थे। मंगलवार देररात आशुतोष ने अपने बड़े भाई आकाश को वाट्सएप पर मैसेज कर आत्महत्या करने की बात लिखी।

बुधवार तड़के मैसेज को देखते ही आकाश का कलेजा कांप उठा। भाई को लगातार फोन किया। फोन न उठने पर सहपाठियों को फोन किया। सहपाठी आशुतोष के कमरे की ओर भागे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आशुतोष फंदे पर लटका हुआ था।

पुलिस की मौजूदगी में शव उतारा गया। दोपहर में छात्र के पिता जयप्रकाश शुक्ला पहुंच गए। उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात दस बजे बेटे से फोन पर बात हुई थी। उसने किसी भी परेशानी से इन्कार किया था। उसने कहा था कि मेरे पास रुपये कम है।

बाद मैंने दस हजार रुपये उसे डाल दिए। प्रभारी निरीक्षक हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि छात्र किसी आंतरिक मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहा था, इसका पता लगाने के लिए मोबाइल और वाट्सएप चैट को खंगाला जा रहा है।

2,580 रुपये टिफिन और 500 रुपये लाइट के देख लेना...

दो पन्नों के सुसाइड नोट में आशुतोष ने लिखा कि मुझे अब किसी चीज में खुशी महसूस नहीं होती। मेरा मन इस दुनिया और इस जीवन में बिल्कुल नहीं लगता। ऐसा लगता है जैसे मैं इस दुनिया में अस्थायी हूं और मेरा यहां कुछ भी अपना नहीं है।

कभी-कभी मन में बहुत नकारात्मक विचार आते हैं और ऐसा लगता है कि सब कुछ छोड़कर चला जाऊं। मैं बहुत परेशान और थका हुआ महसूस कर रहा हूं। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि मेरी मां और मेरे भाई का हमेशा ध्यान रखा जाए।

मैं उनसे दिल से माफी मांगना चाहता हूं और उनसे कहना चाहता हूं कि अगर मेरी किसी बात से उन्हें दुख पहुंचा हो तो मुझे माफ कर दें। मुझे अपने परिवार की बहुत चिंता है। मेरी इच्छा है कि मेरी मां और भाई हमेशा खुश रहें और अपना ध्यान रखें।

मैं इस समय बहुत कठिन मानसिक स्थिति से गुजर रहा हूं। मुझे किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो मेरी बात सुने, मुझे समझे और इस समय मेरे साथ रहे। यह भी लिखा कि किसी का कुछ बकाया नहीं है। बस 2,580 रुपये टिफिन के और 500 रुपये लाइट के देख लेना।

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