मुरादाबाद सपा में फिर घमासान: ईद मिलादुन्नबी पर सजे दो मंच, BJP MLC को न्योता देने पर एसटी हसन और रुचि वीरा में तकरार
मुरादाबाद में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान समाजवादी पार्टी में अंदरूनी कलह सामने आई। जुलूस के स्वागत के लिए ...और पढ़ें

जश्ने मिलादुन्नबी पर जलसे को खिताब करते पूर्व सांसद एसटी हसन और जुलूस ए मुहम्मदी को झंडी दिखातीं सांसद रुचि वीरा
HighLights
सियासी खींचतान के बीच निकाला जुलूस, स्वागत के लिए सपा के सजे दो मंच
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी से मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रुचि वीरा और कांठ विधायक कमाल अख्तर के बीच विवाद अभी ठंडा भी नहीं हो पाया है कि ईद मिलादुन्नबी के जुलूस ने सपा की अंदरूनी सियासत को एक बार फिर सामने ला दिया। जुलूस के स्वागत के लिए शहर में दो अलग-अलग मंच सजाए गए। एक मंच पूर्व सांसद डा. एसटी हसन के खेमे की सक्रियता का केंद्र बना तो दूसरे मंच पर सांसद रुचि वीरा और उनके समर्थक नजर आए।
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर खुद्दामे गुलामाने ताजदारे मदीना कमेटी की ओर से बुधवार को जीआइसी चौक पर जलसे का आयोजन किया। इसके बाद परंपरागत जुलूस निकाला गया। जुलूस को शहर इमाम हकीम सैयद मासूम अली आजाद और पूर्व सांसद डाॅ. एसटी हसन ने झंडी दिखाकर रवाना किया।
जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ डाॅ. शमीम चौक पहुंचा। जुलूस के स्वागत के लिए दो मंचों का सजना राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय रहा। जीआइसी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सांसद डा. एसटी हसन की भूमिका प्रमुख रही। डाॅ. शमीम चौक पर सांसद रुचि वीरा के समर्थकों ने अलग मंच तैयार किया।
दोनों स्थानों पर समर्थकों की मौजूदगी को सपा की अंदरूनी खेमेबंदी के रूप में देखा गया। कमेटी के निमंत्रण पत्र में सपा की मौजूदा सांसद रुचि वीरा का नाम नहीं होने और भाजपा एमएलसी डाॅ. जयपाल सिंह व्यस्त को विशिष्ट अतिथि बनाए जाने से भी सियासी सवाल उठे। कार्यक्रम में आनंद मोहन गुप्ता एडवोकेट का नाम भी विशिष्ट अतिथियों में शामिल था।
कमेटी के अध्यक्ष पूर्व सांसद डा. एसटी हसन हैं। सपा विधायक हाजी नासिर कुरैशी उपाध्यक्ष हैं। ऐसे में सपा के मौजूदा सांसद का नाम सूची में नहीं होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। पूर्व महानगर अध्यक्ष शाने, बुदूद खां, हारुन पाशा समेत कई सांसद समर्थकों ने भाजपा नेता को धार्मिक मंच पर बुलाए जाने पर सवाल उठाए।
उनका कहना था कि भाजपा नेताओं की ओर से मुस्लिम समाज और धार्मिक मुद्दों को लेकर दिए गए बयानों के कारण उन्हें ऐसे मंच पर स्थान नहीं दिया जाना चाहिए। विवादित स्थिति पैदा हो जाने पर भाजपा से कोई नेता मंच पर नहीं पहुंचे। यह मामला पूरे दिन सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा।
रुचि वीरा बोलीं- राजनीति नहीं होनी चाहिए
सांसद रुचि वीरा ने पूरे मामले में राजनीतिक विवाद से दूरी बनाने की बात कही। उनका कहना है कि ईद मिलादुन्नबी धार्मिक आयोजन है और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। कमेटी भाजपा या आरएसएस से जुड़े किसी व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाए या किसी अन्य को बुलाए, यह उसका अधिकार है। हमको तो जुलूस का स्वागत करना था, डा. शमीम चौक पर किया।
हमने सांसद को बुलाया था, वह आईं ही नहीं
पूर्व सांसद डा. एसटी हसन का कहना है कि कमेटी का कार्यक्रम था। सियासी नहीं था। कार्ड में किसी कमेटी के अलावा किसी अन्य का नाम नहीं छपता है। हमने सांसद रुचि वीरा को भी बुलाया था। वह आइ नहीं, जहां तक एमएलसी डा.जयपाल सिंह की बात यह वह 40 साल से कमेटी से जुड़े हैं। हर बार आते भी हैं। हर मामले को सियासत से जोड़ना ठीक नहीं है।
सपा ने पल्ला झाड़ा
सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने कहा कि जुलूस समाजवादी पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। यह कमेटी का धार्मिक कार्यक्रम है। कमेटी अपनी इच्छा से जिसे चाहे आमंत्रित कर सकती है। पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। धार्मिक आयोजन के बहाने इस तरह की सियासत नहीं होनी चाहिए। चुनाव की तैयारी करें। इस तरह के विवादों से सभी को दूरी बनाकर रखनी है।
