स्कूल के बरामदे में घूम रहा सांप, अफसरों का काम सिर्फ कागज पर; खतरे में 102 मासूमों की जान!
मुरादाबाद के शाहपुर तिगरी प्राथमिक विद्यालय में नाले की खुदाई के बाद सांप निकलने से 102 बच्चों की सुरक्षा खतरे ...और पढ़ें

शाहपुर तिगरी स्कूल परिसर में बरामदे के बाहर रेंगता सांप। सौ.वि.
HighLights
बच्चों की सुरक्षा पर भारी पड़ा विभागों का पत्राचार, रेस्क्यू की तत्काल व्यवस्था नहीं
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बच्चों के लिए स्कूल का बरामदा खेल गतिविधियों का स्थान होता है, लेकिन प्राथमिक विद्यालय शाहपुर तिगरी में इन दिनों वहां पहुंच रहे सांप डर का कारण बने हैं। बरसात में कई बार सांप विद्यालय के बरामदे तक पहुंच चुके हैं। नाले की खोदाई शुरू होने के बाद पुराने बिलों से सांप बाहर निकलने लगे।
विद्यालय प्रबंधन ने अधिकारियों को सूचना दी, मगर बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल रेस्क्यू या दवा छिड़काव की व्यवस्था नहीं हो सकी। बुधवार को सांप का जोड़ा विद्यालय परिसर में पहुंचा तो एक बार फिर विभागीय मशीनरी सक्रिय हुई।
अब बीएसए कार्यालय और नगर निगम को पत्र भेजने के बाद वन विभाग से भी पत्राचार की तैयारी है। सवाल यह है कि जब विद्यालय में सांप आने की जानकारी पहले से थी तो बच्चों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई उसी समय क्यों नहीं की गई?
खतरा सामने था, शिक्षक इसकी सूचना दे रहे थे और नाले की खोदाई से स्थिति और गंभीर हो रही थी, फिर भी जिम्मेदार विभागों के बीच समाधान के बजाय पत्राचार चलता रहा।
विद्यालय भवन की बाउंड्रीवाल के पीछे नाले की ओर सांपों के पुराने बिल हैं। बरसात के दिनों में यहां से सांप निकलकर विद्यालय परिसर तक पहुंचते रहे हैं।
सोमवार से नगर निगम ने नाले की खोदाई शुरू कराई तो बिलों के आसपास की जमीन भी प्रभावित हुई और सांप बाहर आने लगे। विद्यालय की शिक्षिका नीतू सिंह के अनुसार इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी और मौके पर काम करा रहे ठेकेदार को दी गई थी।
इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी वेगीश गोयल ने बीएसए कार्यालय और नगर निगम को पत्र भेजा। अब वन विभाग से सांपों को रेस्क्यू कराने के लिए संपर्क करने की बात कही जा रही है।
यानी जिस खतरे को तत्काल दूर किया जाना चाहिए था, उसके लिए विभाग अब प्रक्रिया आगे बढ़ाने में जुटे हैं। सांप निकलने का असर बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ा है।
102 बच्चों के नामांकन वाले विद्यालय में पहले दिन 61, दूसरे दिन 76, बुधवार को 62 और गुरुवार को 77 बच्चे ही पहुंचे। शिक्षक बच्चों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। खुले में खेलने पर रोक है और कक्षाओं से बाहर अकेले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
यह व्यवस्था अपने आप में विद्यालय की स्थिति की गंभीरता बताती है। सवाल सिर्फ सांप पकड़ने का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है जिसमें खतरे की सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई के लिए किसी दूसरे विभाग के पत्र का इंतजार करना पड़ता है।
सांप निकलने की जानकारी मिली है। वन विभाग से भी संपर्क किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा पहले है। पूरे प्रयास किए जाएंगे कि बच्चे सुरक्षित रहें।
- अमित सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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