मुरादाबाद के स्कूल में मच्छरों का प्रकोप: प्रोफेसर पिता की DM से शिकायत के बाद फुल स्लीव ड्रेस का आदेश
मुरादाबाद के शिरडी साईं पब्लिक स्कूल में एक एलकेजी छात्रा को मच्छर काटने और बुखार आने के बाद पिता ने ...और पढ़ें

स्कूलों की ओर से फुल स्लीव को लेकर अभिभावकों को भेजे गए संदेश और मच्छर के काटने से बच्चे के पैर पर बने निशान
HighLights
सुनवाई न होने पर स्कूल के बाद पिता ने डीएम को किया था मेल
संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा के कार्यालय से पहुंचा फोन, जाना हाल
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। स्कूलों में मच्छरों का प्रकोप है। शिरडी साईं पब्लिक स्कूल में एलकेजी की छात्रा के एक नहीं दो-दो बार जब मच्छर ने काटा तो पिता के सब्र का बांध टूट गया। पहली बार में स्कूल प्रबंधन से शिकायत पर जब कुछ नहीं हुआ तब मेल के जरिये डीएम से शिकायत की। डीएम तक मामला पहुंचते ही स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ शिक्षा विभाग ने भी सुधि ली।
सोमवार को निजी स्कूलों की ओर से वाट्सएप ग्रुपों पर अभिभावकों को यह संदेश भेजा गया कि अपने बच्चों को फुल स्लीव में भेजें। संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा कार्यालय से फोन कर पिता से बेटी का हाल पूछा गया।
तब पिता ने बताया कि मच्छर काटने के बाद से बेटी को बुखार है। आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने शिकायत के बाद भी फागिंग एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कदम उठाने में लापरवाही की।
भटावली गांव निवासी डा. सोनू सिंह एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि बेटी राधिका सिंह शिरडी साईं पब्लिक स्कूल के विंग टू में एलकेजी की छात्रा है। 17 अगस्त को राधिका ने बताया कि स्कूल में उसे मच्छर ने काटा है।
पैर पर निशान दिखने पर बच्ची की डायरी में शिकायत लिखी। अगले दिन डायरी में विद्यालय की ओर से ‘नोटेड’ लिखकर दिया गया। फागिंग या सुरक्षा के अन्य कोई कदम नहीं उठाए गए। 19 अगस्त को बच्ची के पैर पर दोबारा निशान दिखे।
बेटी ने फिर से मच्छर के काटने की बात बताई और उसको बुखार आने लगा। तब 19 अगस्त को डीएम डाॅ. राजेन्द्र पैंसिया को मेल पर शिकायत की। उन्होंने बताया कि आठ साल तक न्यसूरोलाजी और न्यूरोसाइंस पर रिसर्च करने के कारण मच्छर के काटने से होने वाली बीमारियों को अच्छी तरह समझते है।
ऐसे में शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने पर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। डीएम से शिकायत के बाद सोमवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक और विद्यालय प्रबंधन की ओर से संपर्क किया गया। प्रभावी कदम उठाने की बात कही गई।
डीआईओएस रीतु तोमर ने बताया कि विद्यालयों को परिसर में पानी जमा न होने देने, कूलर, टंकियों और अन्य स्थानों की नियमित सफाई कराने व फागिंग के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी विद्यालयों में फागिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार किया गया है। निजी विद्यालयों में भी व्यवस्था का निरीक्षण कराया जाएगा।
विद्यालय में बच्चों की डायरी में आने वाली शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। विद्यालय परिसर में फागिंग आदि नियमित रूप से कराया जाता है। बच्ची के अभिभावकों से भी बात हुई है, लेकिन उन्होंने मच्छर के काटने से बच्ची के बीमार होने की पुष्टि नहीं की है।
- उरविंदर कौर, प्रधानाचार्य, शिरडी साई पब्लिक स्कूल विंग टू
प्रकरण संज्ञान में आने के बाद डीआइओएस को निर्देशित किया गया है कि स्कूलों में साफ-सफाई के साथ फागिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। स्कूलों का निरीक्षण भी अनिवार्य रूप से किया जाए।
- डाॅ. राजेन्द्र पैंसिया, डीएम
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