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मुरादाबाद में जन्मदिन पर 12वीं के छात्रों ने जूनियर की खींची पैंट, स्कूल प्रबंधन ने 4 को निकाला बाहर

Published: Sun, 13 Sep 2026 11:23 PM (IST)

मुरादाबाद के एक निजी स्कूल में जन्मदिन मना रहे जूनियर छात्र के साथ 12वीं के चार सीनियर छात्रों ने अभद्रता ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. मुरादाबाद में जूनियर छात्र के साथ सीनियर छात्रों ने की अभद्रता।

  2. जन्मदिन मनाते समय पैंट खींची, खाली क्लास में ले जाकर धमकाया।

  3. अभिभावकों के विरोध पर स्कूल ने चार छात्रों को निष्कासित किया।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। एक नामी निजी स्कूल में जन्मदिन मना रहे छात्र के साथ 12वीं कक्षा के चार सीनियर छात्रों ने अमानवीय हरकत करते हुए उसकी पैंट खींच दी और अभद्रता की। घटना के विरोध में अगले दिन छात्र के स्वजन के साथ अन्य अभिभावकों ने भी स्कूल आकर विरोध जताया। प्रधानाचार्य का कहना है कि अभिभावकों की शिकायत पर चारों छात्रों को निष्कासित कर दिया गया है।

अब लंच के दौरान भी कक्षाओं और परिसर में निगरानी बढ़ाई जाएगी। घटना 11 सितंबर को लंच के बाद की है, जब छात्र एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर पर जा रहा था। चारों सीनियर छात्रों ने उसे घेर लिया और पैंट खींचते हुए जबरन एक खाली क्लास में ले गए। वहां उसके साथ जमकर अभद्रता की गई।

छात्र के रोने की आवाज सुनकर जब अन्य बच्चे पहुंचे, तब आरोपित छात्र जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। हैरान करने वाली बात यह रही कि स्कूल की सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था को इतनी बड़ी वारदात की भनक तक नहीं लगी। घर पहुंचकर पीड़ित छात्र ने रोते हुए आपबीती सुनाई। अगले दिन स्वजन और अन्य अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया।

जब स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो चारों छात्र पीड़ित को घसीटते हुए ले जाते साफ नजर आए। मामला बढ़ता देख और स्वजन द्वारा पुलिस बुलाए जाने पर स्कूल प्रशासन बैकफुट पर आया और चारों आरोपितों को निष्कासित कर दिया। पीड़ित छात्र के पिता का कोरोना काल में निधन हो चुका है।

मां और बड़ा भाई दुकान चलाकर किसी तरह उसका पालन-पोषण कर रहे हैं। पीड़ित की मां का गंभीर आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उनसे पहले से टाइप कराए गए एक पत्र पर जबरन दस्तखत करवा लिए। इसमें लिखा था कि "यह घटना केवल एक गलतफहमी थी और उन्हें कोई शिकायत नहीं है।" इसी पत्र के आधार पर पुलिस को बैरंग लौटा दिया गया।

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