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सोना तस्करी हो या 1.5 करोड़ के पुराने नोट... मुरादाबाद पुलिस ने बड़े-बड़े केस तो पकड़े, लेकिन नहीं बेनकाब हुए असली 'सरगना'!

Published: Mon, 28 Sep 2026 10:00 PM (IST)

मुरादाबाद पुलिस बड़े मामलों में शुरुआती आरोपितों को पकड़कर जांच रोक देती है, जिससे पुराने नोट, सोना और शराब तस्करी ...और पढ़ें

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HighLights

  1. शुरुआती आरोपितों को गिरफ्तार करके केस की फाइल बंद कर दे रही है पुलिस

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बीते एक साल में मुरादाबाद पुलिस ने कुछ मामलों में कार्रवाई की है, लेकिन यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआती धड़पकड़ के बाद मंद पड़ गई। पुराने नोट की करेंसी का मामला हो या फिर सोना तस्करी दोनों बड़े मामलों में पुलिस ने आगे जाकर सरगना तक पहुुंचने का प्रयास तक नहीं किया। अब हाल ही में पाकबड़ा क्षेत्र में मिली पंजाब की शराब के आरोपितों तक भी पुलिस नहीं पहुंच पाई।

स्थिति यह है कि मुरादाबाद पुलिस को बड़ी-बड़ी कार्रवाई करने बार-बार मौका मिल रहा है, लेकिन किसी भी केस का पुलिस अंत नहीं कर पा रही है। शुरुआती गिरफ्तारी के बाद मामलों में चार्जशीट लगाकर खत्म कर दिया जा रहा है।

पुराने नोट की करेंसी प्रकरण

बीते साल 19 मई को मुरादाबाद के डिलारी थाना पुलिस ने पकड़े डेढ़ करोड़ के पुराने नोटों के प्रकरण में नौ गुर्गों की गिरफ्तारी के बाद मामले में चार्जशीट लगाकर कई सवालों को दफन कर दिया गया।

आखिर यह नोट किस बैंक में जाते थे और इस गिरोह का सरगना कौन था वहां तक पुलिस की जांच या तो पहुंची नहीं या फिर पहुंचकर शांत हो गई। मामला जो भी पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैले इस गिरोह हर सदस्य तक पुलिस नहीं पहुंच पाई। अगर पुलिस ने इस मामले में सही से कार्रवाई की जाती तो बड़ा नेटवर्क सामने आ सकता था।

सोना तस्करों पर भी नहीं कसा गया शिकंजा

बीते साल मई माह में दुबई से पेट में सोना छिपाकर लाने वाले चार तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार करके सोने 29 कैप्सूल बरामद किए थे। इनका वजन एक किलो 15 ग्राम था। जिसकी कीमत करीब एक करोड़ से अधिक थी।

सोना बरामद करने के बाद पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने 14 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सात आरोपितों को जेल भेजा था।

बाकी आरोपित कोर्ट से जमानत ले आए थे। इस मामले में पुलिस आरोपितों के खिलाफ सही से शिकंजा नहीं कस पाई थी। अगर सही से आरोपितों के खिलाफ शिकंजा कस गया होता तो सोना तस्करी दोबारा से शुरू नहीं होती।

18 दिन बाद भी आरोपितों का पता नहीं लगा पाई पुलिस

नई पिकअप खरीदने के बाद उसे शराब तस्करी में लगा दिया। पंजाब से अंग्रेजी शराब लादकर मुरादाबाद की तरफ लाते समय 10 सितंबर को पिकअप पाकबड़ा क्षेत्र के दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर पहुंची तो उसमें आग लग गई थी।

चालक जलती पिकअप को छोड़ फरार हो गया। दमकल कर्मियों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग से कई पेटी शराब जल गई। पुलिस ने शराब की 291 बोतल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार पिकअप में 100 से अधिक शराब की पेटी भरी हुई थी। बाकी शराब जल गई। पिकअप पंजाब के जालंधर निवासी सूरज की थी, लेकिन 18 दिन बाद भी पुलिस आरोपितों तक नहीं पहुंच पाई है।

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