रामगंगा का बदला मिजाज: कालागढ़ डैम से छूट सकता है पानी, मुरादाबाद के 33 गांवों में बाढ़ का अलर्ट
नदियों में बढ़ते जलस्तर और कालागढ़ डैम से पानी छोड़े जाने की आशंका के चलते मुरादाबाद के 33 गांवों में ...और पढ़ें

पिछले दो दिन से हो रही वर्षा के कारण रामगंगा का जलस्तर बढ़ा।जागरण
HighLights
जिले में बहने वाली रामगंगा समेत सभी नदियां चढ़ाव पर
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बारिश का पानी अब खेतों से निकलकर नदियों का मिजाज बदलने लगा है। जिले की प्रमुख नदियां लगातार चढ़ाव पर हैं और कालागढ़ डैम पर प्रशासन की नजर टिक गई है। रविवार सुबह आठ बजे कालागढ़ डैम का जलस्तर 359.150 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का स्तर 365.300 मीटर है।
डैम के पानी का मीटर 360 मीटर के ऊपर होते ही किसी भी समय पानी छोड़ा जा सकता है। ऐसा होते ही रामगंगा व सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बनेगा।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार जिले की सभी नदियों में पानी चढ़ाव पर है। रामगंगा, गागन, ढेला और कोसी सभी नदियों का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है।
ऐसे में कालागढ़ से पानी छोड़े जाने की स्थिति बनी तो रामगंगा खादर में बाढ़ का खतरा फिर से खतरा है। आज भी जिले में बादल छाए रहने और अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा की संभावना है।
कटघर रेलवे पुल पर रामगंगा का जलस्तर 188.55 मीटर पर है। खतरे के निशान 190.60 मीटर से यह 2.05 मीटर नीचे है हालांकि यहां भी जलस्तर बढ़ रहा है।
खो नदी का जलस्तर 224.60 मीटर दर्ज हुआ है। खतरे का स्तर 225.250 मीटर है। नदी में 28,292 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। हरेवली बैराज पर 4,665 क्यूसेक डिस्चार्ज रहा।
गागन नदी 189.50 और ढेला नदी 256.946 मीटर पर पहुंच चुकी है। इस समय जिले में 33 गांव बाढ़ प्रभावित बताए गए हैं। 2,800 किसान प्रभावित हैं। 29 गांव कृषि की दृष्टि से और चार गांव आबादी व कृषि दोनों की दृष्टि से प्रभावित हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय का कहना है कि हमारी टीम लगातार नदियों के जलस्तर पर नजर रखे हुए है। बाढ़ चौकियों पर तैनात स्टाफ को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
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