मुरादाबाद में गागन नदी पर बनेगा नया पुल, PWD और सेतु निगम ने शुरू किया सर्वे
मुरादाबाद में गागन नदी पर मलकद्दा के पास एक स्थायी पुल का निर्माण किया जाएगा। यह पुल चट्टा पुल के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
गागन नदी पर मलकद्दा के पास स्थायी पुल निर्माण होगा।
चट्टा पुल के हादसों के बाद ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
120 मीटर लंबा पुल 16 करोड़ रुपये में बनेगा।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। गागन नदी को पार करने के लिए ग्रामीण करीब एक दशक से चट्टा पुल का सहारा ले रहे थे, अब उसी के आसपास सेतु निगम अस्थायी पुल बनाने जा रहा है। चट्टा पुल पर हुए हादसों में तीन लोगों की जान जाने के बाद प्रशासन ने इसे हटवा दिया है। इसके बाद से गागन नदी पार करने को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
अब प्रशासन ने ग्रामीणों के स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया है। शनिवार को सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की संयुक्त टीम ने गागन नदी पर पहुंचकर स्थायी पुल के लिए सर्वे और पैमाइश की है। टीम ने नदी की चौड़ाई, दोनों तरफ के रास्तों और पुल के संभावित स्थानों को देखा है। मौके पर कच्चा मानचित्र भी तैयार किया गया।
प्रस्ताव के मुताबिक गागन नदी पर करीब 120 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा पुल बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव है। यह पुल सिर्फ नदी पार करने का साधन नहीं होगा, बल्कि मलकद्दा-चौधरपुर क्षेत्र के आवागमन की तस्वीर बदल सकता है।
प्रस्तावित पुल से नया मुरादाबाद के बांध से मलकद्दा तक संपर्क बेहतर होगा और आगे पाकबड़ा की ओर जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी। अभी नदी के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा बसाई जाने वाले आवासीय कॉलोनियों के लिए भी इसी पुल से रास्ता होगा।
शिवालिक व सहयाद्री आवासीय योजनाओं में रहने वाले लोगों के लिए दिल्ली रोड पर पहुंचने का यही रास्ता होगा। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता कमला शंकर ने बताया कि शासन ने पुल का सर्वे कराकर रिपोर्ट मांगी है। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि कुछ जमीन तो नहीं खरीदनी होगी।
इसलिए टीम को सर्वे के लिए भेजा था। मलकद्दा के मुख्य मार्ग तक करीब 36 मीटर चौड़ी सड़क तैयार करने की भी योजना है। उम्मीद है कि जल्द ही पुल के लिए धनराशि स्वीकृत हो सकती है।
हादसों ने खोल दी अस्थायी पुल की हकीकत
गागन नदी पर ग्रामीणों का चट्टा पुल करीब दस साल तक हजारों लोगों की आवाजाही का जरिया बना रहा लेकिन, हाल में इसी पुल पर हुए दो हादसों में तीन लोगों की मौत ने इसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी लगाकर चट्टा पुल को हटवा दिया।
पुल हटने के बाद ग्रामीणों ने स्थायी पुल की मांग तेज कर दी। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए मंडलायुक्त ने मौके का निरीक्षण कर जल्द स्थायी समाधान का भरोसा दिया था। अब सर्वे और पैमाइश शुरू होने से चट्टा पुल की जगह पक्के पुल की राह खुलती नजर आ रही है।
