मुरादाबाद-अलीगढ़ हाईवे के लिए 21 गांवों की 189 हेक्टेयर जमीन खरीदेगा NHAI, सीधे खाते में आएगा मुआवजा
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मुरादाबाद-अलीगढ़ एक्सेस कंट्रोल हाईवे के लिए मुरादाबाद जिले के 21 गांवों की 189 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करेगा।

मुरादाबाद-अलीगढ़ हाईवे के लिए 21 गांवों की 189 हेक्टेयर जमीन खरीदेगा NHAI।
HighLights
NHAI मुरादाबाद-अलीगढ़ हाईवे हेतु 189 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करेगा।
जिले के 21 गांवों की जमीन प्रभावित, मुआवजा सीधे खाते में।
एक्सेस कंट्रोल हाईवे से यात्रा समय घटेगा, आवागमन सुगम।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मुरादाबाद-अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित एक्सेस कंट्रोल हाईवे के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) जिले के 21 गांवों की 189 हेक्टेयर जमीन खरीदेगा। इसके लिए एनएचएआई ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ) को प्रस्ताव भेज दिया है। अब धारा 3-ए के तहत अधिसूचना जारी होने का इंतजार है।
अधिसूचना जारी होते ही प्रभावित जमीन के मालिकों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण होते ही मुआवजा वितरण की कार्रवाई शुरू होगी। इस जमीन को लेते समय बैनामा कराने की जरूरत नहीं होगी बल्कि मुआवजा मिलते ही सीधे जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग की संपत्ति घोषित हो जाएगी।
एनएचएआई का लक्ष्य अगले तीन महीने में प्रभावित भूमि का अवार्ड घोषित कर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू करना है। प्रस्तावित हाईवे के रास्ते में आने वाली जमीन का नियमानुसार अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक किसान या भू-स्वामी की सहमति लेना अनिवार्य नहीं होगा।
मुरादाबाद-अलीगढ़ एक्सेस कंट्रोल हाईवे के लिए 189 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण जिले की दो तहसीलों के 21 गांवों में किया जाएगा। इनमें मुरादाबाद सदर तहसील के चार और बिलारी तहसील के 17 गांव शामिल हैं।
सदर तहसील के गजगोला नानकबाड़ी, उमरी, गिन्नौर देह माफी और कस्बा मुरादाबाद की जमीन प्रस्तावित हाईवे की जद में आएगी। बिलारी तहसील के रतनपुर कलां, मालीपुर, करीमपुर जब्ती, रसूलपुर हमीर, जाफरपुर, लालपुर गंगवारी, फत्तेहपुर खास, मलकपुर, अजमतपुर, ललवारा, कुतुबपुर रायब, खुर्रमनगर बिचौला, मदारपुरा, नौसना शेखूपुर, अल्लापुर भीकन, बघी गोबरधनपुर सहित अन्य गांवों की जमीन भी अधिग्रहित की जाएगी।
प्रस्तावित जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। जल्द ही इन गांवों की जमीन खरीदे जाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। इस प्रक्रिया में एक साल लग सकता है। हाईवे बनने के बाद मुरादाबाद-अलीगढ़ के बीच सफर का समय कम होने की उम्मीद है।
एक्सिस कंट्रोल व्यवस्था के कारण वाहनों को बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा। परियोजना के पूरा होने पर मुरादाबाद से अलीगढ़ के बीच तेज और निर्बाध आवागमन का नया रास्ता तैयार होगा।
मकान या दुकानों से हाईवे पर प्रवेश नहीं मिलेगा
मुरादाबाद-अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित एक्सिस कंट्रोल हाईवे की लंबाई करीब 148.5 किलोमीटर होगी। मुरादाबाद में यह दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाकबड़ा से पहले सीएनजी पंप के पास से निकलकर रिंग रोड से जुड़ेगा।
इसके बाद कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र और संभल के सिरसी क्षेत्र से होते हुए बुलंदशहर की ओर जाएगा और आगे अलीगढ़ रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। हाईवे को गंगा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर प्रवेश नियंत्रित बनाया जाएगा।
सीधे गांव, मकान या दुकानों से हाईवे पर प्रवेश नहीं मिलेगा। निर्धारित इंटरचेंज से ही वाहन चढ़ और उतर सकेंगे। दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा।
मुरादाबाद-अलीगढ़ एक्सिस कंट्रोल हाईवे के लिए जिले के 21 गांवों की करीब 189 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को भेजा गया है। धारा 3-ए की अधिसूचना के बाद नियमानुसार आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अवार्ड घोषित कर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य है। -अरविंद कुमार, पीडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, मुरादाबाद।
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