मुरादाबाद में धान खरीद में खेल: एक ही गांव में खोले 2-2 केंद्र, 28 केंद्रों पर सिर्फ 15 प्रभारी
मुरादाबाद में धान खरीद केंद्रों के आवंटन और प्रभारियों की तैनाती में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। एक ही गांव ...और पढ़ें

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HighLights
एजेंसियों ने बी-पैक्स के बजाए मिलर्स की पसंद से एड करके खोल दिए केंद्र
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। धान खरीद केंद्रों का निर्धारण किसानों की सुविधा के लिए होना चाहिए लेकिन, जिले में केंद्रों के आवंटन से लेकर प्रभारियों की तैनाती तक सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कहीं एक ही गांव में दो-दो केंद्र खोल दिए गए। इतना ही नहीं दो-दो केंद्रों की जिम्मेदारी एक ही प्रभारी को सौंप दी गई।
पसंदीदा लोगों को प्रभारी बनाने के लिए मंडियों में केंद्रों की लोकेशन बदलने, सहकारी समितियों के प्रस्तावों की अनदेखी करने और खाद्य विभाग के लिपिकों व संविदा कर्मियों को धान खरीदने की जिम्मेदारी दे दी गई।
विकास खंड भगतपुर टांडा क्षेत्र के बहेड़ी रोशनपुर में खाद्य विभाग की विपणन शाखा के दो केंद्र बनाए गए हैं। बी-पैक्स रोशनपुर बहेड़ी के ही यह प्रथम व द्वितीय केंद्र हैं। दोनों केंद्रों के प्रभारी विपिन श्रीवास्तव बनाए गए हैं।

एक ही गांव में दो केंद्र खोलने और दोनों की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति को देने पर सवाल उठ रहे हैं। भीकनपुर सहकारी समिति पर दो केंद्र खोले जाने का आरोप है। इस मामले में केंद्रों के स्वीकृति आदेश और प्रभारियों के नाम का मिलान जरूरी है।
जिला सहकारी संघों के दो केंद्र खोले जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, यदि एक ही क्षेत्र में दो केंद्र बनाए गए हैं तो उनके पीछे किसानों की संख्या, खरीद की जरूरत और दूरी जैसे मानकों का आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
ग्राम जटपुरा सहकारी संघ लिमिटेड के नाम पर केंद्र अहलादपुर में बनाए जाने का मामला भी सवालों के घेरे में है। केंद्र का नाम जटपुरा सहकारी संघ लि. एट अहलादपुर दर्ज है। इसका केंद्र प्रभारी तंजीब अशरफ को बनाया है।
आरोप है कि संबंधित क्षेत्र की सहकारी समिति ने भी केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन उसके प्रस्ताव पर ध्यान देने के बजाए मनमाने तरीके से केंद्र खोल दिया।
आरोप है कि पुराने केंद्र प्रभारियों को दोबारा जिम्मेदारी देने में पोर्टल की बाधा सामने आने पर कुछ केंद्रों की लोकेशन बदल दी गई। दावा है कि पिछले केंद्र प्रभारी रहे कर्मचारियों के नाम पोर्टल स्वीकार नहीं कर रहा था।
इसी कारण मंडियों में केंद्रों का स्थान बदलकर पसंदीदा लोगों को जिम्मेदारी देने का रास्ता निकाला गया। खाद्य विभाग के दो लिपिकों को केंद्र प्रभारी बनाए जाने पर भी सवाल खड़ा हो रहा है।
मंडी के केंद्रों पर प्रभारियों की नियुक्ति व लोकेशन को लेकर दिक्कत आई थी। उसको सही करा दिया है। केंद्र खोले जाने के लिए एजेंसियों के जो प्रस्ताव आते है। उच्चाधिकारियों के अनुमोदन से ही केंद्रों का निर्धारण होता है।
- विनीता मिश्रा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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