मुरादाबाद के सहसपुरी में दहशत के बीच पकड़ा गया 12वां तेंदुआ, कमिश्नर पहुंचीं गांव; अलर्ट जारी
मुरादाबाद के सहसपुरी गांव में वन विभाग ने एक और तेंदुए को पिंजरे में पकड़ा, जो इस अभियान का 12वां ...और पढ़ें

पिंजरे में कैद तेंदुआ
HighLights
25 अगस्त के बाद उसी गांव में दूसरी बार पकड़ा गया तेंदुआ
संवाद सहयोगी, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। तेंदुओं की दहशत से जूझ रहे ठाकुरद्वारा क्षेत्र में वन विभाग के रेस्क्यू अभियान को शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली। सहसपुरी गांव में कैमरा ट्रैप के जरिए निगरानी के बाद लगाए गए पिंजरे में एक और तेंदुआ फंस गया। इसी गांव में 25 अगस्त को भी एक तेंदुआ पकड़ा गया था। इसके साथ ही रेस्क्यू अभियान में अब तक पकड़े गए तेंदुओं की संख्या 12 हो गई है।
क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी सामने आने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। वन विभाग, पुलिस और आपदा राहत वालंटियर की टीमें बलिया, बाहुपुर और बल्लभगढ़ में रात में लगातार गश्त कर रही हैं।
बलिया और अन्य संवेदनशील गांवों में तेंदुओं की मौजूदगी का पता लगाने के लिए 30 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। वाइल्डलाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया की टीम कैमरों से मिले फुटेज और तस्वीरों का अध्ययन कर तेंदुओं की पहचान में जुटी है।
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के लालापुर पीपलसाना और जटपुरा गांव से तेंदुआ देखे जाने की सूचनाएं मिलने के बाद वन विभाग ने संवेदनशील गांवों में गश्त बढ़ा दी है। थर्मल ड्रोन से भी खेतों और जंगलों की निगरानी की जा रही है।
लाउडस्पीकर से प्रचार कर ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। पीपली धनश्याम, कुंडेसरा, जाफराबाद, भगीयावाला, शिवनगर, कुआंखेड़ा खालसा, भुड, पीपली उमरपुर, नाहरवाला, मुंडिया खेड़ा और पांडेयपुर समेत 11 गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया।
ठाकुरद्वारा तहसील के 22 गांवों में 32 पिंजरे लगाए गए हैं। वहीं तहसील कांठ के आठ गांवों में आठ पिंजरों से निगरानी की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पीछे न दौड़ें और न ही भीड़ लगाएं।
तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचना दें। रात में अकेले खेतों की ओर जाने से बचें। बच्चों को घर से बाहर अकेला न भेजें और पालतू पशुओं को सुरक्षित बाड़े में रखें। रात में टार्च और लाठी साथ रखने तथा बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लालापुर पीपलसाना गांव पहुंची कमिश्नर, ग्रामीणों से किया संवाद
कमिश्नर संगीता सिंह शुक्रवार को लालापुर पीपलसाना गांव पहुंची। गांव में वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप केज और कैमरा ट्रैप की स्थिति देखी। गांव में वन्यजीवों की आबादी क्षेत्र में घुसपैठ रोकने के उपायों की जानकारी ली।
उन्होंने वन विभाग और स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अधिकारियों से कहा कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तेंदुए के हमलों से प्रभावित हुए पीड़ितों व ग्रामीणों से बातचीत कर उनका ढांढस बंधाया। आपदा राहत कंट्रोल रूम में ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनी गईं।
अफसरों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में नाइट विजन ड्रोन, थर्मल कैमरे और अतिरिक्त वन कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित कर आदमखोर वन्यजीव को जल्द से जल्द सुरक्षित रेस्क्यू किया जाए।
ग्रामीणों से कहा कि किसी भी आपात स्थिति या तेंदुए की लोकेशन दिखने पर तुरंत स्थानीय कंट्रोल रूम या वन विभाग की टीम को सूचित करें। इस दौरान एसडीएम वेद प्रकाश पांडेय, डीएफओ डा. विनय कुमार सिंह, भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह, खंड विकास अधिकारी उमाकांत मुद्गल, ब्लाक प्रमुख पति डा. वीर सिंह सैनी आदि मौजूद रहे।
सहसपुरी में पकड़ा गया तेंदुआ इस गांव में पकड़ा गया दूसरा तेंदुआ है। तीन अगस्त से चल रहे अभियान में अब तक 12 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। पकड़े गए तेंदुए को नियमानुसार सुरक्षित स्थान पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
- डाॅ. विनय कुमार सिंह, डीएफओ
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